दिल्ली में बुलडोजर एक्शन जारी, पीतमपुरा में सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए गए अवैध निर्माण

दिल्ली के पीतमपुरा में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत एमसीडी ने बुलडोजर अभियान चलाकर अवैध निर्माण हटाए। कार्रवाई के दौरान सड़क के बीच स्थित एक मजार को भी हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था सुधारना और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है।

Jul 14, 2026 - 13:27
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दिल्ली में बुलडोजर एक्शन जारी, पीतमपुरा में सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए गए अवैध निर्माण

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। मंगलवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने पीतमपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बुलडोजर कार्रवाई करते हुए मुख्य मार्ग पर बने अवैध निर्माणों को हटाया। अभियान के दौरान सड़क के बीच स्थित एक मजार को भी हटाया गया, जिसे प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की श्रेणी में रखा।

कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन के अनुसार पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार ने पीतमपुरा से शालीमार बाग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के चौड़ीकरण की योजना बनाई है। इसी परियोजना के तहत सड़क किनारे और सार्वजनिक भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात सुगम होगा, जाम की समस्या कम होगी और लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

अभियान के दौरान सड़क के बीच स्थित एक मजार को भी हटाया गया। अधिकारियों के मुताबिक यह निर्माण सड़क के बीच होने के कारण यातायात में बाधा बन रहा था। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए सभी अवैध निर्माणों के विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्रवाई पीतमपुरा-शालीमार बाग सड़क चौड़ीकरण परियोजना का हिस्सा है। परियोजना का उद्देश्य शालीमार बाग, आजादपुर, रिंग रोड और आसपास के आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच यातायात दबाव को कम करना और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इससे पहले हैदरपुर क्षेत्र में भी इसी अभियान के तहत अतिक्रमण हटाया जा चुका है।

प्रशासन ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण कार्य समय पर पूरा करने के लिए सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना आवश्यक है। सरकार ने अभियान से प्रभावित पात्र परिवारों के लिए तीन लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह सहायता का भी प्रावधान किया है, ताकि पुनर्वास और अन्य आवश्यक जरूरतों में उन्हें सहायता मिल सके।

इस बीच दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को कड़ी चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण या अनधिकृत पार्किंग जैसी गतिविधियां पाए जाने पर बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही ध्वस्तीकरण अभियान का पूरा खर्च संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं से वसूला जाएगा और लागू कानूनों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि राजधानी में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाले निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।