धमतरी बना श्वेत क्रांति का उभरता मॉडल जिला, दुग्ध व्यवसाय से ग्रामीण समृद्धि की नई कहानी

धमतरी जिला छत्तीसगढ़ में श्वेत क्रांति के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। जिला प्रशासन की पहल और पशुपालकों की भागीदारी से दुग्ध उत्पादन व संकलन में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

Jan 8, 2026 - 12:59
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धमतरी बना श्वेत क्रांति का उभरता मॉडल जिला, दुग्ध व्यवसाय से ग्रामीण समृद्धि की नई कहानी

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी | छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला आज तेजी से श्वेत क्रांति के उभरते मॉडल जिले के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन की दूरदर्शी नीति, पशुपालकों की सक्रिय सहभागिता और मजबूत सहकारी ढांचे के कारण जिले में दुग्ध उत्पादन एवं संकलन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण स्तर और रोजगार सृजन को नई दिशा दे रहा है।

पिछले दो महीनों में जिले का दैनिक दुग्ध संकलन 6,410 लीटर से बढ़कर 10,000 लीटर प्रतिदिन से अधिक हो गया है। जिला प्रशासन ने इसे आगामी समय में 15,000 लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा के नेतृत्व में तैयार की गई सुव्यवस्थित कार्ययोजना ने दुग्ध व्यवसाय को पारंपरिक गतिविधि से आगे बढ़ाकर एक आधुनिक और लाभकारी उद्यम का स्वरूप दिया है।

दुग्ध समितियों का मजबूत नेटवर्क

जिले में दुग्ध उत्पादक-संग्राहक सहकारी समितियों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। दो माह पूर्व जहां केवल 47 समितियां सक्रिय थीं, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 68 दुग्ध सहकारी समितियों तक पहुंच गई है। लगभग 30,000 दुग्ध उत्पादक एवं संग्राहक इन समितियों से जुड़ चुके हैं। लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी समितियों को पुनः सक्रिय कर दुग्ध संकलन में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की गई।

डिजिटल भुगतान से बढ़ा भरोसा

दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए माइक्रो एटीएम और डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की गई है। इससे भुगतान सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में हो रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और बाजार तक सीधी पहुंच

नेशनल डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से जिले में दुग्ध संग्रहण, शीतलीकरण और प्रोसेसिंग की मजबूत व्यवस्था विकसित की गई है। सेमरा बी, भाठागांव और मुजगहन में तीन दुग्ध चिलिंग प्लांट कार्यरत हैं, जबकि कुरूद में चौथे चिलिंग प्लांट को मंजूरी मिल चुकी है। गातापार में नव-निर्मित दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट को शीघ्र प्रारंभ करने की तैयारी है।

ग्रामीण समृद्धि की नई राह

आज धमतरी में दुग्ध व्यवसाय केवल आय का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बन चुका है। यह पहल युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खोल रही है।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पशुपालकों को बधाई देते हुए कहा कि धमतरी में पशुपालन की असीम संभावनाएं हैं और प्रशासन श्वेत क्रांति को जिले की स्थायी पहचान बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।