धमतरी में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन सुचारु, 140 प्रकरण दर्ज, 7,500 क्विंटल से अधिक धान जप्त
धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन पारदर्शिता और सख्त निगरानी के साथ जारी है। अब तक 140 मामलों में 7,558 क्विंटल से अधिक धान एवं दो वाहन जप्त किए गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी | खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन को लेकर धमतरी जिला प्रशासन द्वारा व्यापक, पारदर्शी एवं सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। जिले में कुल 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से किसानों से धान की खरीदी की जा रही है।
जिले में अब तक 1,29,344 किसानों का पंजीयन किया गया है, जिसमें 73,949 सीमांत, 52,951 लघु एवं 2,444 दीर्घ कृषक शामिल हैं। इन किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 1,27,212.86 हेक्टेयर है।
दिनांक 15 नवंबर 2025 से 06 जनवरी 2026 तक कुल 84,564 किसानों से 4,14,967.80 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।
किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक 78,868 किसानों को 910.79 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष किसानों को भी लगातार भुगतान किया जा रहा है।
धान उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने एवं कोचियों/बिचौलियों द्वारा अवैध भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला एवं तहसील स्तर पर उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया है। इन दलों में राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि उपज मंडी विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं।
अंतरराज्यीय अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए उड़ीसा सीमा क्षेत्र में बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद एवं सांकरा में चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
अब तक उड़नदस्ता दलों द्वारा अवैध धान भंडारण के 140 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 7,558.9 क्विंटल धान एवं 02 वाहन जप्त किए गए हैं। इसके अलावा राइस मिलों के निरीक्षण में 22,856.8 क्विंटल धान जप्त कर संबंधित प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं।
आज 07 जनवरी 2026 को जिला स्तरीय टीम द्वारा मोहंदी एवं सिंगपुर धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जहां एक किसान द्वारा अवैध रूप से 40 क्विंटल धान विक्रय करने का प्रयास पाए जाने पर धान जप्त किया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य केवल पात्र किसानों को ही समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना है तथा धान उपार्जन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाए रखना है।