पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत डीआरजी एवं बीएसएफ की संयुक्त टीम द्वारा लगातार संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 21 फरवरी 2026 को थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुरकुंज के जंगल एवं पहाड़ी इलाके में तलाशी के दौरान संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।
सुरक्षाबलों ने मौके की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घेराबंदी में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया यह विस्फोटक प्रेशर कुकर आईईडी है, जिसका वजन लगभग 5 से 7 किलोग्राम के बीच बताया गया है। यह आईईडी रास्ते में पैदल गश्त या सुरक्षा बलों की मूवमेंट को निशाना बनाने के उद्देश्य से लगाया गया था।
सूचना मिलते ही बीएसएफ के बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञ टीम ने पूरे एहतियात के साथ विस्फोटक का परीक्षण किया और मानक सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे मौके पर ही सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर नष्ट कर दिया। विस्फोटक को निष्क्रिय किए जाने के दौरान किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति की क्षति नहीं हुई।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह इलाका पहले भी नक्सली गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। नक्सली संगठन अक्सर सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगलों और पहाड़ी रास्तों में आईईडी लगाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में लगातार सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
संयुक्त टीम द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल सुरक्षाबलों की सतर्कता और पेशेवर तैयारी को दर्शाती है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि समय रहते इस आईईडी का पता नहीं चलता, तो किसी भी राहगीर या सुरक्षा कर्मी के लिए यह गंभीर खतरा बन सकता था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद विस्फोटक के संबंध में यह भी जांच की जा रही है कि इसे किस नक्सली समूह द्वारा और किस उद्देश्य से लगाया गया था। आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सर्चिंग तेज कर दी गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इलाके में अन्य किसी प्रकार के विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री मौजूद न हो।
कांकेर–नारायणपुर सीमा क्षेत्र में लगातार चल रहे अभियान के तहत सुरक्षाबल नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इस सफलता से सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ा है और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।