UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश में अगस्त के आखिरी दिनों में बारिश का दौर लगातार जारी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम तंत्र के चलते कई जिलों में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट सहित 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल संभाग सहित प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।
सतना जिले के चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं गोरगी बांध टूटने के बाद कई निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण चित्रकूट के प्रसिद्ध रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र के स्कूलों में दो दिनों की छुट्टी घोषित की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविरों में ठहरे लोगों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है।
उधर शहडोल स्थित बाणसागर बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ने के बाद बांध के छह गेट खोल दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बांध में पानी की आवक 12 घंटे के भीतर 808.64 घन मीटर प्रति सेकंड से बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड हो गई। इसके बाद रविवार दोपहर बांध के छह गेट खोले गए। निचले इलाकों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी भोपाल में भी लगातार बारिश के चलते बड़ा तालाब लबालब होने की स्थिति में पहुंच गया है। तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट बताया गया है, जो फुल टैंक लेवल से महज 0.30 फीट नीचे है। तालाब पूरी तरह भरने की स्थिति में पहुंचने पर भदभदा बांध के गेट खोले जाने की संभावना है। इससे कलियासोत नदी का जलस्तर भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार सितंबर की शुरुआत में भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम में शुरुआती तीन दिनों के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश का अनुमान बताया गया है।
प्रदेश में अब तक करीब 27.2 इंच यानी 700 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 30.4 इंच की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत कम है। हालांकि आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना के चलते बाढ़ प्रभावित और निचले इलाकों में प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ सकती है। लोगों से बारिश और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।