पेसा की भावना के अनुरूप बाल सभा का आयोजन, बच्चों के सपनों और भविष्य पर हुआ मंथन

कांकेर के खमढोड़गी में पेसा की भावना के अनुरूप बाल सभा आयोजित की गई, जिसमें बच्चों की शिक्षा, प्रतिभा, रुचि, भविष्य और गांव के विकास को लेकर संवाद हुआ। आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित नरेटी ने बच्चों की बातें सुनीं और उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Aug 31, 2026 - 10:04
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पेसा की भावना के अनुरूप बाल सभा का आयोजन, बच्चों के सपनों और भविष्य पर हुआ मंथन

UNITED NEWS OF ASIA. राजेंद्र मंडावी, कांकेर l ग्राम सभा खमढोड़गी, ग्राम पंचायत कोकपुर में रविवार को पेसा की भावना के अनुरूप बाल सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की सहभागिता बढ़ाने के साथ उनकी नेतृत्व क्षमता, प्रतिभा और भविष्य की संभावनाओं पर संवाद करना रहा। बाल सभा में बच्चों की शिक्षा, रुचि, प्रतिभा, खेल, कला, संस्कृति, तकनीक, पर्यावरण और गांव के भविष्य जैसे विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित नरेटी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं और उनके विचारों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ अपनी रुचि और प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के विचारों और उनकी प्रतिभाओं को अवसर और उचित मार्गदर्शन मिलने से उन्हें बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकता है।

बाल सभा के दौरान बच्चों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया। बच्चों ने पढ़ाई के साथ खेल, कला, संस्कृति, तकनीक, नेतृत्व, पर्यावरण और गांव के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए। संवाद के दौरान बच्चों की सोच और उनकी रुचियों को समझने का प्रयास किया गया। बच्चों ने अपने सपनों और भविष्य को लेकर भी विचार रखे।

बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि आज के बच्चे ही आने वाले समय में गांव और समाज का नेतृत्व करेंगे। ऐसे में बच्चों को केवल शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय निर्णय लेने की क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी, अपनी संस्कृति की समझ और सामुदायिक भावना से जोड़ना जरूरी है। बाल सभा को बच्चों की आवाज सुनने और उनके भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

कार्यक्रम में बच्चों को सवाल पूछने, अपनी बात रखने और अपने भविष्य को लेकर सोचने का अवसर मिला। साथ ही बच्चों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें गांव स्तर पर आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जल, जंगल, जमीन, पर्यावरण, स्थानीय संस्कृति और सामुदायिक जीवन से बच्चों को जोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई।

बाल सभा के आयोजन में ग्राम के युवा प्रभाग की सक्रिय भागीदारी रही। शिव कुमार, टुपेश, कमलेश, रघुवीर, जितेन्द्र, यामनी, विनिता एवं पूर्णिमा सहित अन्य युवा साथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। आयोजन के माध्यम से बच्चों को अपनी क्षमता पहचानने, सामाजिक विषयों को समझने और गांव के विकास में भविष्य में अपनी भूमिका को लेकर सोचने का अवसर मिला।