यह कार्यक्रम सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य केवल यातायात सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को भी सशक्त बनाना था। इससे पहले विद्यालय परिसर में एक विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया था, जिसमें कुल 517 विद्यार्थियों की आंखों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच की गई थी।
इस जांच के दौरान 42 विद्यार्थियों की दृष्टि कमजोर पाई गई। ऐसे में NHAI और NHIT ने पहल करते हुए इन सभी बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाले पावर चश्मे निशुल्क उपलब्ध कराए। यह कदम न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहायक साबित होगा, बल्कि उनके दैनिक जीवन को भी आसान बनाएगा।
इस अवसर पर NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि NHAI का उद्देश्य केवल सड़कों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि उन सड़कों पर चलने वाली अगली पीढ़ी के भविष्य को भी सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना है। उन्होंने कहा कि बेहतर दृष्टि के साथ बच्चे जीवन के हर मार्ग पर अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि सड़क सुरक्षा का अर्थ केवल नियमों का पालन करना नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता भी बेहतर हो। यदि बच्चों की दृष्टि सही होगी, तो वे न केवल पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, बल्कि सड़क पर भी अधिक सतर्क रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि सरकारी संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियों को व्यापक दृष्टिकोण से देखें, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। NHAI द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल बच्चों की आंखों की रोशनी बढ़ाने वाला है, बल्कि उनके भविष्य को भी नई दिशा देने वाला साबित होगा।
इस प्रकार की पहलें यह संदेश देती हैं कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से भी जुड़ी हुई है। आने वाले समय में यदि ऐसी पहलें निरंतर जारी रहती हैं, तो निश्चित ही समाज में जागरूकता और सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।