14 अप्रैल 2026 को हुए इस हादसे में बॉयलर फटने से कई मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना उच्च दबाव वाली स्टीम ट्यूब के फटने से हुई, जिसके पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी और रखरखाव में कमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
आप के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि यह घटना वेदांता समूह के सुरक्षा प्रोटोकॉल की पोल खोलती है। उन्होंने कहा कि कंपनी उच्च सुरक्षा मानकों का दावा करती है, लेकिन इस हादसे ने स्पष्ट कर दिया है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिसमें यह पता लगाया जाए कि बॉयलर का अंतिम निरीक्षण कब हुआ था और क्या सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
उत्तम जायसवाल ने आगे कहा कि इस मामले में केवल कंपनी ही नहीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा अधिकारियों और संबंधित सरकारी तंत्र की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन उनकी जांच के बाद कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया, जिससे ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहती है।
वहीं, आप के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि पार्टी हमेशा मजदूरों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए और सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
अभिषेक मिश्रा ने “नो सेफ्टी, नो प्रोडक्शन” के सिद्धांत को सख्ती से लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि जब तक उद्योगों में सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक उत्पादन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और इसके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
इस घटना की जांच के लिए आम आदमी पार्टी ने एक विशेष समिति का गठन किया है, जिसमें प्रियंका शुक्ला, ईश्वर साहू, टिकेश्वर चंद्रा, भानु चंद्रा, मिथलेश बघेल, विनय गुप्ता और प्रतिमा सिन्हा जैसे पदाधिकारी शामिल हैं। यह समिति जल्द ही घटनास्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि मजदूरों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।