कन्नौद जनविश्वास शिविर में उमड़ी भीड़, समस्याओं के समाधान के बजाय आवेदनों को विभागों में भेजने से उठे सवाल
कन्नौद मंडी परिसर में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सड़क, पेयजल, पेंशन, भूमि विवाद, फसल बीमा और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। शिविर में राजस्व विभाग के 39 और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 23 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि पुलिस विभाग से संबंधित 10 शिकायतें भी दर्ज की गईं। प्रशासन ने बताया कि जिन मामलों का मौके पर निराकरण संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को भेजकर समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कुछ शिकायतकर्ताओं ने पहले भी आवेदन देने के बावजूद समाधान नहीं होने की बात कही। सतवास का एक पीड़ित परिवार भी करीब आठ महीने से न्याय की मांग को लेकर शिविर में पहुंचा। कांग्रेस ने भी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। अब सवाल है कि जनविश्वास शिविर में मिले आवेदनों का वास्तविक समाधान कब तक होता है।
UNITED NEWS OF ASIA. आदित्य श्रोत्रिय,देवास l कन्नौद में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। कन्नौद मंडी परिसर में आयोजित इस शिविर में लोगों ने सड़क, पेयजल, पेंशन, भूमि विवाद, फसल बीमा और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि शिविर में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपनी समस्याएं रखने के बाद उन्हें जल्द समाधान मिलेगा, लेकिन कई मामलों में आवेदन संबंधित विभागों को भेजे जाने के बाद समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात सामने आई।
जनविश्वास शिविर में विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक 39 आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित रहे, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े 23 आवेदन सामने आए। पुलिस विभाग से संबंधित 10 शिकायतें भी ग्रामीणों ने दर्ज कराईं। इसके अलावा क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई मुद्दे भी लोगों ने प्रशासन के सामने रखे।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिन मामलों का मौके पर निराकरण संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को भेजकर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनविश्वास अभियान का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है।
हालांकि, कुछ शिकायतकर्ताओं ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई समस्याओं को लेकर वे पहले भी संबंधित विभागों में आवेदन दे चुके हैं और जनसुनवाई के माध्यम से भी अपनी शिकायतें रख चुके हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो सका। ऐसे में जनविश्वास शिविर में भी आवेदन संबंधित विभागों को भेजे जाने से कुछ लोगों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आवेदन दर्ज कराने या आश्वासन के बजाय अपनी समस्याओं का ठोस समाधान चाहिए।
इसी दौरान सतवास का एक पीड़ित परिवार भी न्याय की गुहार लेकर जनविश्वास शिविर में पहुंचा। परिवार का दावा है कि वह करीब आठ महीने से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार ने कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की और उम्मीद जताई कि जनविश्वास शिविर के माध्यम से उनकी समस्या का समाधान हो सकेगा।
कन्नौद क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस की ओर से भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में पेंशन, सड़क, पेयजल, नल-जल योजना, अधूरे निर्माण कार्य, अवैध शराब, आवारा पशु और फसल बीमा जैसे मुद्दे उठाए गए। कांग्रेस ने इन समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग की।
कन्नौद अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा भी शिविर के दौरान प्रमुखता से सामने आया। इस समस्या को लेकर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, जिस पर कलेक्टर की ओर से आगामी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई।
सरकार की ओर से जनविश्वास अभियान के माध्यम से जनता की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण का दावा किया जा रहा है। कन्नौद में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना यह दर्शाता है कि ग्रामीण अभी भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से उम्मीद लगाए हुए हैं। अब इस अभियान की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि शिविर में प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभाग कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करते हैं।
कन्नौद के जनविश्वास शिविर के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जनता को केवल आश्वासन और आवेदन की प्रक्रिया तक सीमित रहना पड़ेगा या उनकी समस्याओं का वास्तविक और समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित किया जाएगा।