‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने नशा मुक्त युवा और विकसित भारत का दिया संदेश, युवाओं के इनोवेटिव आइडिया की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में नशा मुक्त युवा और विकसित भारत के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं के नवाचार, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, हथकरघा, तिरंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे लोगों के प्रयासों का उल्लेख किया।

Aug 30, 2026 - 13:03
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‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने नशा मुक्त युवा और विकसित भारत का दिया संदेश, युवाओं के इनोवेटिव आइडिया की सराहना

UNITED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त के आखिरी रविवार को ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं और समाज में अपने छोटे-छोटे प्रयासों से सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ ऐसा मंच है, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों में किए जा रहे नए और प्रेरणादायक प्रयासों को सामने लाने का अवसर मिलता है। उन्होंने देशवासियों से सामूहिक भागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का स्वस्थ, खुशहाल और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है। उन्होंने नशे से दूर रहने और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री के अनुसार, स्वस्थ और सशक्त युवा ही देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने युवाओं के इनोवेटिव आइडिया की भी सराहना की। उन्होंने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री की पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने इतिहास को तकनीक के माध्यम से सरल और रोचक बनाने के उद्देश्य से ‘भारत राज्य’ नाम की वेबसाइट तैयार की है। इस वेबसाइट के माध्यम से अलग-अलग वर्षों का चयन कर यह जानकारी हासिल की जा सकती है कि उस समय भारत के विभिन्न हिस्सों में किसका शासन था। प्रधानमंत्री ने युवाओं से तकनीक और ज्ञान के बेहतर इस्तेमाल के ऐसे प्रयासों से जुड़ने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने ‘सूर्यपथ तिरंगा’ पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष तिरंगा दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचा और फिजी की राजधानी सुवा में सूरज की पहली किरण के साथ तिरंगा फहराया गया। उन्होंने इसे देश की भावना और तिरंगे के प्रति सम्मान से जुड़ी प्रेरणादायक पहल बताया।

महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी के कारोबार से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना के माध्यम से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों को मजबूती दे रही हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता को लेकर श्रद्धालुओं और स्वच्छता कर्मियों की भागीदारी की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि 16 हजार से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया, जबकि 10 हजार से अधिक यात्रियों को ‘रिस्पॉन्सिबल यात्री’ प्रमाणपत्र दिया गया। उन्होंने कहा कि जब स्वच्छता नागरिकों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बनती है, तो उसका प्रभाव समाज और आसपास के वातावरण पर व्यापक रूप से दिखाई देता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस जैसे अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर देश के इतिहास, परंपराओं और स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री ने आने वाले त्योहारों के दौरान स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में बदलाव केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से संभव है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, कलाकारों और आम नागरिकों के छोटे-छोटे प्रयासों को विकसित भारत की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। ‘मन की बात’ के जरिए उन्होंने देशवासियों से सकारात्मक सोच, नवाचार, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।