कवर्धा में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत स्कूलों में बढ़ाई जा रही जागरूकता, विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ

कवर्धा जिले में “तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” के तहत स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों, नशा मुक्ति केंद्र की सेवाओं और कोटपा अधिनियम 2003 की जानकारी दे रही है। छात्रों को तंबाकू मुक्त रहने की शपथ भी दिलाई गई है।

Oct 29, 2025 - 18:45
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कवर्धा में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत स्कूलों में बढ़ाई जा रही जागरूकता, विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। छत्तीसगढ़ में युवाओं को नशे से मुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से “तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” के तहत कवर्धा जिले में स्कूल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तूरे तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है।

 

जिला नोडल अधिकारी डॉ. रोशनी पटेल के नेतृत्व में शासकीय पीएम श्री विद्यालय कवर्धा और कस्तूरबा गांधी छात्रावास सहसपुर लोहारा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान दंत चिकित्सा सहायक दल ने विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्परिणामों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में बताया गया कि तंबाकू सेवन से कैंसर, फेफड़ों की बीमारियाँ, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी अनेक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। साथ ही, जिला अस्पताल में संचालित “तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र” की सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई, जहाँ किसी भी व्यक्ति को नशा छोड़ने के लिए निःशुल्क परामर्श और चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है।

 

डॉ. पटेल ने विद्यार्थियों को कोटपा अधिनियम 2003 (COTPA Act) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में भी बताया, जिसके तहत स्कूल परिसर और सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन पर रोक है।
इस अवसर पर स्कूल परिसर को “तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान” घोषित किया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से तंबाकू का सेवन न करने और दूसरों को भी न करने देने की शपथ ली।

विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान से विद्यार्थियों में नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे समाज में एक स्वस्थ उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तंबाकू और अन्य नशे की लत से बचाना, स्कूल परिसर को पूर्णतः तंबाकू मुक्त बनाना और एक स्वच्छ, स्वस्थ एवं जागरूक पीढ़ी का निर्माण करना है।

कवर्धा जिले में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि हर शिक्षण संस्थान “तंबाकू मुक्त परिसर” बन सके और युवा वर्ग स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग हो।