अतुल पर्वत ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का अर्थ है – सशक्त किसान, आत्मनिर्भर महिलाएं, रोजगारयुक्त युवा, मजबूत अधोसंरचना और संतुलित आर्थिक व्यवस्था। ये सभी तत्व संकल्प बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं।
उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र को लगभग 40 प्रतिशत प्राथमिकता देकर सरकार ने मानव विकास को केंद्र में रखा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण तथा युवाओं के कौशल विकास पर बढ़ा निवेश वर्ष 2047 तक प्रदेश को ज्ञान और कौशल आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगा।
कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषक उन्नति योजना, सिंचाई विस्तार और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव सिद्ध होंगे। वहीं पूंजीगत व्यय में वृद्धि, सड़क, उद्योग, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक कॉरिडोर पर विशेष फोकस से प्रदेश को निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने कहा कि संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट, रानी दुर्गावती योजना तथा स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देने जैसे कदम सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करेंगे, जो किसी भी विकसित राज्य की पहचान होती है।
अतुल पर्वत ने विशेष रूप से पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों – बस्तर और सरगुजा – में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को समावेशी विकास का ठोस उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा, तभी 2047 का लक्ष्य वास्तविक रूप से पूरा होगा।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि संकल्प बजट दूरदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और जनसंवेदनशीलता का संतुलित उदाहरण है।
अंत में अतुल पर्वत ने विश्वास जताया कि संकल्प बजट 2026-27 वास्तव में विकसित छत्तीसगढ़ 2047 की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा और छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा।