पुलिस के अनुसार अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि पोआमा पानी टंकी के पास एक सफेद कार में दो संदिग्ध युवक हथियार लेकर मौजूद हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि दोनों किसी गंभीर आपराधिक वारदात की तैयारी में हो सकते हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने करीब एक वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के एक व्यापारी से 55 हजार रुपये में पिस्टल और कारतूस खरीदे थे। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास, उम्र 25 वर्ष, निवासी कुकड़ाचिमटा हाल निवासी गुलाबरा और मिथुन, उम्र 31 वर्ष, निवासी उमरिया थाना देहात के रूप में की गई है।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके विरुद्ध छिंदवाड़ा जिले के देहात, कुंडीपुरा, मोहखेड़ और कोतवाली थाना क्षेत्रों में विभिन्न प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हथियारों की खरीद और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 500/26 के तहत आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने हथियार किस उद्देश्य से खरीदे थे और इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में किया जाना था या नहीं।
पुलिस ने हथियारों के संभावित सप्लायर तक पहुंचने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। पूछताछ में उत्तर प्रदेश के एक व्यापारी से हथियार खरीदने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की विशेष टीम सप्लायर की तलाश और उसकी भूमिका की जांच के लिए उत्तर प्रदेश भेजे जाने की तैयारी कर रही है। पुलिस का उद्देश्य हथियारों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाकर इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करना है।
इस पूरी कार्रवाई में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत, उपनिरीक्षक संदीप सिंह राजपूत, आरक्षक सौरभ बघेल, सूरज पाल, शेरसिंह तथा साइबर सेल के आरक्षक नितिन और आदित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की कार्रवाई के बाद अब मामले की आगे की विवेचना जारी है।
छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार रखने और उनकी खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बरामद हथियारों के स्रोत और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।