मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त तक उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति भी बनी। मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है।
मंगलवार को सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी रायपुर में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कई स्थानों पर उल्लेखनीय बारिश दर्ज की गई। चांदो में सबसे अधिक 29 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद कोटाडोल में 17 सेंटीमीटर, कुसमी में 13 सेंटीमीटर तथा प्रतापपुर और शंकरगढ़ में 12-12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। सामरी में 9 सेंटीमीटर, जबकि भखारा और धमतरी में 7-7 सेंटीमीटर बारिश हुई। रायपुर में भी 7 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बलरामपुर, कुकरेल, केल्हारी, डौरा कोचली और तोकापाल में 6-6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जनकपुर-भरतपुर, कुरूद, अंबिकापुर, सूरजपुर, लटोरी, लाभांडीह, राजपुर, मगरलोड, गुरुर, माना-रायपुर-एपी, रामानुजनगर और बेलरगांव में 5-5 मिलीमीटर बारिश हुई। सोनहत, नेरहरपुर, मैनपुर, भटगांव, डौंडी, बालोद, केशकाल, राजिम, बिहारपुर, भानुप्रतापपुर और गरियाबंद में 4-4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के अधिकांश अन्य स्थानों पर इससे कम वर्षा हुई।
मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान मौसम प्रणाली के प्रभाव से बारिश का असर कुछ समय तक बना रह सकता है। हालांकि 2 सितंबर से प्रदेश में वर्षा की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। इसके बाद लोगों को लगातार हो रही बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश के बीच प्रशासन और आम लोगों को स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर नजर रखने की जरूरत है। जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, वहां जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए लोगों से सुरक्षित रहने और आवश्यक सावधानी अपनाने की अपील की जा रही है।