कबीरधाम जिले के एक गांव को बनाया जाएगा मॉडल सोलर विलेज

कबीरधाम जिले में एक गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। इस योजना के तहत चयनित गांव में सौर संयंत्रों की स्थापना की जाएगी, जिससे गांव स्वावलंबी बनेगा और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल होगी।

Jan 3, 2026 - 17:26
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कबीरधाम जिले के एक गांव को बनाया जाएगा मॉडल सोलर विलेज

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम | जिले में मॉडल सोलर विलेज का निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार कवर्धा, 3 जनवरी 2026: भारत सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत कबीरधाम जिले के एक गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना के मापदंडों और क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के चयनित 10 गांवों में सौर ऊर्जा के कार्यों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इन 10 गांवों के बीच प्रतिस्पर्धा आयोजित कर एक गांव को मॉडल सोलर विलेज के लिए चुना जाएगा।  वर्मा ने कहा, “इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ और सतत ऊर्जा को जन आंदोलन का रूप देना है, ताकि यह ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा दे सके।”

मॉडल सोलर विलेज के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए स्थानीय ग्राम पंचायतों के साथ आदर्श ग्राम समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति ग्राम स्तर पर प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, सौर सुजला योजना, और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से जन जागरूकता बढ़ाएगी और ग्रामीणों को सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रेरित करेगी। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थलों जैसे पेयजल व्यवस्था, पथ प्रकाश, आदि के लिए भी सौर संयंत्र की स्थापना की जाएगी।

इस संबंध में क्रेडा विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारत सरकार के एम.एन.आर.ई. द्वारा प्रत्येक जिले में एक मॉडल सोलर विलेज को विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए लगभग ₹1 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। चयनित ग्राम को सौर आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और उसके बाद विस्तृत डी.पी.आर. (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार किया जाएगा, जिसे एम.एन.आर.ई. को भेजा जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का विस्तार होगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना से सतत विकास, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण को एक नया दिशा मिलेगा।

इस बैठक में क्रेडा विभाग के सब इंजीनियर धर्मेन्द्र लहरें, विद्युत विभाग, कृषि विभाग, बैंक और सांख्यिकी विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने योजना की सफलता के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई और जल्द ही कार्यों की शुरुआत करने की बात कही।

मॉडल सोलर विलेज की इस पहल से न केवल सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे गांवों में स्वावलंबन और स्थिर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।