साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत ने जीता स्वर्ण पदक, कवर्धा की बेटी रिया तिवारी ने निभाई अहम भूमिका

कवर्धा की बेटी रिया तिवारी ने साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। रिया की इस जीत ने न केवल कवर्धा बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस कराया।

Jan 3, 2026 - 17:32
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साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत ने जीता स्वर्ण पदक, कवर्धा की बेटी रिया तिवारी ने निभाई अहम भूमिका

UNITED NEWS OF ASIA. रिया तिवारी की ऐतिहासिक जीत, साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक

कवर्धा, 3 जनवरी 2026: बिहार की राजधानी पटना में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में नेपाल, भूटान, श्रीलंका और भारत सहित कुल चार देशों की टीमों ने हिस्सा लिया।

भारत की इस ऐतिहासिक जीत में कवर्धा की बेटी रिया तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रिया ने भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 35–13 और 35–13 के भारी अंतर से हराकर टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारत ने चैंपियन का गौरव हासिल किया और श्रीलंका को उपविजेता के रूप में संतुष्ट होना पड़ा।

रिया तिवारी ने लल्लूराम डॉट कॉम से खास बातचीत में अपनी सफलता और अनुभव साझा करते हुए कहा, "यह जीत मेरे लिए एक नई शुरुआत है। मैं अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और कोच को देती हूं, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा के बिना यह मुमकिन नहीं था। मैं युवा खिलाड़ियों को यही संदेश देना चाहती हूं कि अगर मेहनत और समर्पण के साथ काम किया जाए तो बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।"

रिया की सफलता ने न केवल उनके परिवार को गर्व महसूस कराया, बल्कि कवर्धा जिले के लोगों को भी गर्वित किया। रिया ने यह साबित किया कि टैलेंट और कड़ी मेहनत के दम पर किसी भी छोटे शहर से आने वाला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकता है। रिया का यह प्रदर्शन न केवल उनके लिए, बल्कि अन्य छोटे शहरों की बेटियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रिया की सफलता ने यह साबित कर दिया कि हर खिलाड़ी को, चाहे वह किसी भी शहर या राज्य से आता हो, अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिल सकता है। यह प्रदर्शन देश में खेलों के प्रति उत्साह को और भी बढ़ावा देगा, खासकर उन युवा खिलाड़ियों के लिए जो अपने सपनों को साकार करने के लिए कठिन मेहनत कर रहे हैं।

इस सफलता पर कवर्धा जिला प्रशासन ने रिया तिवारी को बधाई दी और उन्हें स्थानीय स्तर पर सम्मानित करने की योजना बनाई है। रिया की इस उपलब्धि से जिले के युवा खिलाड़ियों में भी खेलों के प्रति उत्साह और प्रेरणा बढ़ी है, जो निश्चित रूप से खेल विकास में योगदान करेगा।

रिया तिवारी की यह जीत न केवल उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारत के खेल क्षेत्र में एक नई रोशनी की तरह उभरी है। यह दर्शाता है कि अगर खेलों के प्रति समर्पण और दृढ़ नायकता हो, तो कोई भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है।