पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने संबंधित पुलिस उपायुक्तों के प्रतिवेदन, आरोपियों के आपराधिक इतिहास, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के कथनों का परीक्षण करने के बाद जिलाबदर का आदेश जारी किया। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों की लगातार आपराधिक गतिविधियों से क्षेत्र में भय का वातावरण बन रहा था और लोक शांति एवं जनसुरक्षा प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर, पिता रामसेवा मधुकर, उम्र 26 वर्ष, निवासी इंदिरा नगर, शुक्रवारी बाजार, बीरगांव, थाना उरला, जिला रायपुर के खिलाफ वर्ष 2018 से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने का उल्लेख किया गया है। उसके खिलाफ थाना उरला में कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। इनमें नाबालिग के साथ दुष्कर्म, अश्लील गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, अवैध हथियार रखने और जुआ खेलने जैसे अपराध शामिल हैं।
आदेश के अनुसार विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर को रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से तीन माह के लिए निष्कासित किया गया है। इस अवधि के दौरान वह सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना इन जिलों की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
इसी तरह ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे, पिता राजीव दुबे, उम्र 25 वर्ष, निवासी मोतीलाल नगर, सरस्वती नगर, थाना डी.डी. नगर, जिला रायपुर के खिलाफ वर्ष 2017 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहने का उल्लेख है। उसके खिलाफ थाना डी.डी. नगर में हत्या के प्रयास, मारपीट, अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, आपराधिक अभित्रास, अवैध हथियार रखने और अवैध गांजा बिक्री सहित कुल 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद ओम दुबे के आचरण में सुधार नहीं हुआ और उसकी लगातार गतिविधियों से आमजन में भय का वातावरण निर्मित हो रहा था। इसी आधार पर उसके खिलाफ भी जिलाबदर की कार्रवाई की गई।
आदेश के मुताबिक ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे को रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से चार माह के लिए निष्कासित किया गया है। इस अवधि में वह सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना संबंधित जिलों की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई का उद्देश्य आदतन अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और आमजन के बीच सुरक्षित वातावरण बनाए रखना है। पुलिस द्वारा आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।