समीक्षा बैठक के दौरान खेल अधिकारी रुचि शर्मा, आबकारी अधिकारी और पेंशन अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। खेल अधिकारी रुचि शर्मा की अनुपस्थिति को लेकर विशेष रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विभागीय बैठकों में अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी है, क्योंकि इन बैठकों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाती है।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण किया जाए और निर्धारित समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली और शिकायत निराकरण की परफॉर्मेंस में सुधार लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन अधिकारियों की सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहेगा, उनकी विशेष समीक्षा की जाएगी। ऐसे अधिकारियों के लिए प्रत्येक शनिवार दोपहर 2 बजे से विशेष समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एसडीएम और तहसीलदार भी शामिल होंगे। इस दौरान उनके क्षेत्र और विभाग से संबंधित लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता के साथ समय-सीमा का भी विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
बैठक में जिले की राशन वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी को प्रत्येक माह आवंटित राशन का समय पर उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों तक राशन का समय पर वितरण कराने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने राशन उठाव और वितरण की स्थिति की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक माह एक स्लाइड प्रस्तुत करने को कहा। इसमें आवंटित राशन की मात्रा, कुल उठाव और हितग्राहियों को किए गए वितरण की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमित निगरानी जरूरी है।
जनजातीय क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत की सीईओ वैशाली जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति, जन शिकायतों के निराकरण और राशन वितरण सहित प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।