लगातार बारिश के कारण सिकासार जलाशय में पानी की आवक बढ़ी है। जलभराव का स्तर 83 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद डेम की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पानी की निकासी शुरू की गई। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जलाशय की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और पानी की आवक तथा जलस्तर के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
डेम के 6 गेट खोले जाने के बाद जलाशय से लगभग 9 हजार क्यूसेक पानी बाहर छोड़ा जा रहा है। पानी की निकासी के चलते नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों और शहरों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से नदी और जलाशय के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
सिकासार जलाशय क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण जलाशय में पानी का स्तर बढ़ा है, जिसके बाद डेम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जल संसाधन विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग द्वारा जलाशय के जलस्तर, पानी की आवक और गेटों से होने वाली निकासी की लगातार निगरानी की जा रही है।
जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। संबंधित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर लोगों को संभावित जलस्तर बढ़ने की स्थिति को लेकर सतर्क किया गया है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
अधिकारियों का ध्यान फिलहाल डेम की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित रखने पर है। लगातार बारिश की स्थिति में जलाशय में पानी की आवक और बढ़ सकती है, इसलिए गेटों से पानी की निकासी की व्यवस्था को परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा। जल संसाधन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है।
सिकासार जलाशय में 83 प्रतिशत जलभराव के बीच 6 गेट खोलकर 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बारिश जारी रहने की स्थिति में जलाशय और आसपास के नदी क्षेत्रों की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी।