कबीरधाम पुलिस द्वारा यह अभियान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक यातायात अपूर्वा सिंह क्षत्रिय के दिशा निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। यातायात प्रभारी रक्षित निरीक्षक महेश्वर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा स्कूलों के आसपास यातायात नियमों को लेकर जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं।
इसी क्रम में स्वामी करपात्री जी स्कूल और स्वामी आत्मानंद स्कूल के सामने नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने संबंधी पोस्टर लगाए गए। इस दौरान विद्यार्थियों को यातायात संकेतों और नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना नियमों का उल्लंघन है और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की समझाइश दी। पुलिस ने बताया कि यातायात नियमों का पालन करने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और वाहन चालकों के साथ यात्रियों तथा पैदल राहगीरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार यातायात नियमों की अनदेखी करने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। दुर्घटना की स्थिति में लोगों को गंभीर चोटों के साथ आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना विशेष रूप से जोखिमपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उनके पास वाहन संचालन के लिए आवश्यक अनुभव और वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता।
यातायात प्रभारी महेश्वर सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें। उन्होंने कहा कि नाबालिग द्वारा वाहन चलाते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अभिभावकों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अभिभावकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
कबीरधाम यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य नियमों के पालन के प्रति नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है।