30 अगस्त से 05 सितंबर 2026 तक चल रहे अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों, दुकानदारों और आमजन को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, CBI, ED अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को फोन या वीडियो कॉल करते हैं और गिरफ्तारी या जांच का भय दिखाकर पैसे की मांग करते हैं। ऐसे मामलों में नागरिकों को घबराने के बजाय तत्काल सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
थाना राजहरा पुलिस द्वारा ग्राम बिटाल के हाई स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल तथा वीडियो कॉल के माध्यम से डराने और दबाव बनाने के तरीकों की जानकारी दी गई।
इसी प्रकार ग्राम पिंकापार में साइबर सेल एवं थाना देवरी पुलिस की टीम ने नागरिकों को संदिग्ध कॉल और वीडियो कॉल से सावधान रहने की समझाइश दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए और सरकारी अधिकारी होने का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान का बिना सत्यापन विश्वास नहीं करना चाहिए।
महिला सेल बालोद द्वारा लक्ष्मी कपड़ा शॉप में उपस्थित दुकानदारों और नागरिकों को भी साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। पुलिस ने विशेष रूप से OTP, ATM PIN, CVV, पासवर्ड, बैंक खाता संबंधी जानकारी और अन्य व्यक्तिगत या गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की।
जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई वास्तविक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, जिसके तहत किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल के माध्यम से घर में कैद रहने या तत्काल पैसे जमा करने के लिए बाध्य किया जाए। ऐसे फर्जी कॉल आने पर नागरिकों को कॉल समाप्त कर संबंधित पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।
बालोद पुलिस ने नागरिकों को यह भी बताया कि ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और संबंधित पुलिस थाने को भी तत्काल सूचना दें। समय पर शिकायत करने से वित्तीय नुकसान को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
जिला बालोद पुलिस ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे अनजान कॉल और वीडियो कॉल से सावधान रहें। कोई व्यक्ति पुलिस, CBI, ED या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर धमकी दे अथवा पैसे की मांग करे तो घबराएं नहीं, किसी भी परिस्थिति में OTP या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें और बिना सत्यापन के कोई आर्थिक लेनदेन न करें। साइबर जागृति अभियान के माध्यम से बालोद पुलिस का संदेश है कि सतर्कता, जागरूकता और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाकर साइबर अपराधों से बचाव किया जा सकता है।