मिशन स्कूल के शताब्दी वर्ष में शाला प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन, पूर्व छात्रों ने विकास में सहयोग का लिया संकल्प
गौरेला के ऐतिहासिक मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल में शताब्दी वर्ष, स्थापना दिवस और शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पौधरोपण, सरस्वती साइकिल वितरण, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यालय के पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संस्थान के विकास में सहयोग का संकल्प लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, गौरेला पेंड्रा मरवाही l गौरेला के ऐतिहासिक मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव, विद्यालय के शताब्दी वर्ष और स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्ष 1926 में स्थापित यह विद्यालय इस वर्ष अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर विद्यालय परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया गया। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
शाला प्रवेश उत्सव के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और शुभकामनाएं देकर विद्यालय परिवार में शामिल किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के महत्व, अनुशासन और संस्कारों पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। इससे छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। साथ ही विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के सम्मान से विद्यार्थियों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।
इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि मंच पर उपस्थित अधिकांश विशिष्ट अतिथि स्वयं मिशन स्कूल के पूर्व विद्यार्थी रहे। उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यालय से मिले संस्कारों और शिक्षा को अपने जीवन की सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है।
नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे ने विद्यालय के शताब्दी वर्ष पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मिशन स्कूल ने कई दशकों से क्षेत्र को शिक्षित और संस्कारित नागरिक दिए हैं। उन्होंने विद्यालय के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और कहा कि शिक्षा संस्थानों को मजबूत बनाना समाज की साझा जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में मथुरा सोनी ने विद्यालय में मंच निर्माण के लिए एक लाख रुपये की घोषणा की। इस घोषणा का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। विद्यालय प्रबंधन ने इसे भविष्य के सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग बताया।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। देशभक्ति गीत, लोकनृत्य, समूह नृत्य, नाट्य प्रस्तुति और प्रेरक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सभी ने सराहना की। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए विद्यार्थियों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय की सौ वर्ष की गौरवशाली यात्रा को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मिशन स्कूल ने पिछले एक शताब्दी में हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आने वाले वर्षों में भी विद्यालय आधुनिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सर्वांगीण विकास के उद्देश्य के साथ अपनी सेवाएं जारी रखेगा।
कार्यक्रम में मुकेश दुबे, मथुरा सोनी, कुलदीप सिंह धीरज, गोविंद अग्रवाल, अशोक नगाइच, अतुल आर्थर, प्रथमेश नगाइच, निर्मल आर्थर, पुष्पराज रॉबिन्सन, शशिबाला लाल, अनामिका मंडल, अलका कुमार, मोनिका मसीह, प्रमोद राजपूत, गुलाम रजा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक, पूर्व छात्र और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।