कवर्धा में हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

कबीरधाम जिले के कवर्धा में हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नया तैयार किया गया मुकुट बरामद किया और सोशल मीडिया पर फैली मूर्ति खंडित होने की खबर को अफवाह बताया।

Apr 18, 2026 - 19:51
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कवर्धा में हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले के थाना कोतवाली कवर्धा क्षेत्र अंतर्गत फुलवारी परिसर स्थित हनुमान मंदिर में चांदी के मुकुट चोरी के मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सोशल मीडिया पर मूर्ति खंडित होने की जो खबरें वायरल हो रही थीं, उन्हें पुलिस ने पूरी तरह अफवाह, भ्रामक और निराधार बताया है।

पुलिस के अनुसार मंदिर के पुजारी ने स्पष्ट किया है कि भगवान हनुमान जी की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के आसपास मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा से चांदी का मुकुट चोरी हो गया था, जिसकी जानकारी उस समय सामने नहीं आ सकी थी। बाद में घटना संज्ञान में आने पर 15 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली कवर्धा में अपराध क्रमांक 155/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 305(घ) में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल तथा एसडीओपी आशीष शुक्ला के निर्देशन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में योगेश दुबे उर्फ मोनू दुबे (32 वर्ष), देवी मिश्रा (45 वर्ष) और मनीन्द्र सोनी (46 वर्ष) शामिल हैं।

पूछताछ के दौरान आरोपी योगेश दुबे ने मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी करना स्वीकार किया। इस अपराध में देवी मिश्रा ने उसका सहयोग किया था। चोरी के बाद आरोपियों ने मुकुट को मनीन्द्र सोनी नामक सुनार को लगभग 1800 रुपये में बेच दिया। जांच में सामने आया कि सुनार ने उक्त चांदी के मुकुट को गला दिया था। हालांकि, मोहल्ले के लोगों के माध्यम से घटना की जानकारी मिलने के बाद उसने उसी चांदी से नया मुकुट तैयार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी मनीन्द्र सोनी के कब्जे से तैयार किया गया नया चांदी का मुकुट बरामद कर लिया है। इसके बाद 18 अप्रैल 2026 को तीनों आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाकर पूरी घटना का पुनर्निर्माण कराया गया। इस दौरान आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार करते हुए घटना का पूरा तरीका बताया और हनुमान जी के समक्ष क्षमा याचना भी की।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस मामले में पुलिस ने स्वर्ण एवं रजत व्यवसायियों को भी चेतावनी दी है कि वे बिना वैध दस्तावेज के किसी भी कीमती वस्तु का क्रय-विक्रय न करें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही, कबीरधाम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई न केवल चोरी के मामले का खुलासा करने में सफल रही, बल्कि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।