राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कांग्रेस का हमला, राहुल गांधी और खरगे ने पीएम मोदी से मांगी स्वतंत्र जांच

राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर स्वतंत्र जांच की मांग की है। कांग्रेस ने ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

Jul 19, 2026 - 14:04
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राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कांग्रेस का हमला, राहुल गांधी और खरगे ने पीएम मोदी से मांगी स्वतंत्र जांच

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों पर स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने की मांग की है। साथ ही ट्रस्ट के सभी वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई है।

अपने पत्र में दोनों नेताओं ने कहा कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले में उठे आरोप बेहद गंभीर हैं। उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पूरे मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करे और देश के सामने तथ्यों को स्पष्ट करे।

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का भी उल्लेख किया है। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रस्ट के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पत्र में कहा गया है कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए, ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष रूप से पड़ताल हो सके।

कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश और विदेश से राम मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त नकद राशि, सोना, चांदी और अन्य सभी प्रकार के दान एवं चढ़ावे के प्रबंधन की विस्तृत जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का उपयोग किस प्रकार किया गया और वित्तीय प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही या नहीं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ट्रस्ट को प्राप्त सभी प्रकार के दान, चढ़ावे और उनके उपयोग की गहन जांच की जानी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं के बीच पारदर्शिता और विश्वास कायम रहेगा।

कांग्रेस ने मांग की है कि जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी वित्तीय खातों और लेनदेन का विवरण भी सार्वजनिक किया जाए, ताकि देश और दुनिया के करोड़ों राम भक्त यह जान सकें कि उनके द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे का उपयोग किस उद्देश्य से और किस प्रकार किया गया।

यह मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। माना जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद के भीतर भी प्रमुखता से उठाएगा और सरकार से जवाब मांगेगा। कांग्रेस का कहना है कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

कांग्रेस के इस पत्र के बाद राम मंदिर चढ़ावा प्रबंधन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब इस मामले में केंद्र सरकार और संबंधित ट्रस्ट की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।