वन महोत्सव में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प

बिलासपुर में वन महोत्सव के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संदेश दिया।

Jul 30, 2026 - 11:35
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वन महोत्सव में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय परिसर में वन विभाग द्वारा आयोजित वन महोत्सव में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण किया। गुरु पूर्णिमा और अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई तथा वन विभाग की "पौधा तुंहर दुवार" वाहन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का भी वितरण किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण साव ने कहा कि वृक्ष केवल धरती का श्रृंगार नहीं बल्कि जीवन का आधार हैं। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक नागरिक को पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर शिक्षा के मंदिर में वृक्षारोपण का आयोजन प्रेरणादायक है और यह समाज को प्रकृति संरक्षण का सकारात्मक संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस हमें वन और वन्यजीव संरक्षण के महत्व की याद दिलाता है। जिस प्रकार मानव शरीर के सभी अंग आवश्यक होते हैं, उसी प्रकार पृथ्वी पर जीवन के संतुलन के लिए वृक्षों का संरक्षण अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से अपील की कि वे पौधरोपण को जनआंदोलन बनाएं और प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए "एक पेड़ मां के नाम" अभियान से जुड़कर कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं।

कार्यक्रम में विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि वन मानव जीवन और प्रकृति के संतुलन की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि वनों की अंधाधुंध कटाई के दुष्परिणाम आज पूरी दुनिया देख रही है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से जन्मदिन और अन्य विशेष अवसरों पर पौधरोपण करने तथा उसकी नियमित देखभाल का संकल्प लेने का आग्रह किया।

मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडे ने वन महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1950 से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज भी पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हरित और स्वच्छ पर्यावरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम में विधायक दिलीप लहरिया, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, जनपद पंचायत अध्यक्ष रामकुमार कौशिक, कुलपति डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, वनमंडलाधिकारी नीरज कुमार, मोहित जायसवाल, राजेश सिंह ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का व्यापक संदेश दिया गया।