भारत के लिए वैश्विक वित्तीय केंद्र बन रहा GIFT IFSC, अंतरराष्ट्रीय निवेश और कारोबार को मिलेगा नया मंच
GIFT IFSC भारत को वैश्विक वित्तीय सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। IFSCA के कार्यकारी निदेशक दीपेश शाह ने बताया कि यह केंद्र विदेशी पूंजी के निवेश, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन और रोजगार के नए अवसरों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. भारत को वैश्विक वित्तीय सेवाओं का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में GIFT International Financial Services Centre (GIFT IFSC) तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) के कार्यकारी निदेशक (विकास) दीपेश शाह ने गुजरात अध्ययन दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में बताया कि GIFT IFSC भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कारोबार को देश में ही संचालित करने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भारत से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन सिंगापुर, दुबई, मॉरीशस, लंदन और डबलिन जैसे वैश्विक वित्तीय केंद्रों के माध्यम से संचालित होते रहे। इसके कारण न केवल कारोबार बल्कि उससे जुड़े रोजगार और आर्थिक अवसर भी देश से बाहर चले जाते थे। GIFT IFSC का उद्देश्य इन गतिविधियों को भारत में लाकर देश को वैश्विक वित्तीय बाजार का महत्वपूर्ण केंद्र बनाना है।
दीपेश शाह ने GIFT IFSC को भारत के लिए "इनबाउंड और आउटबाउंड गेटवे" बताते हुए कहा कि यह मंच एक ओर वैश्विक पूंजी को भारत तक पहुंचाने का कार्य करेगा, वहीं दूसरी ओर भारतीय कंपनियों और निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से जोड़ने में भी मदद करेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि GIFT IFSC में अधिसूचित 15 विदेशी मुद्राओं में वित्तीय लेन-देन की सुविधा उपलब्ध है। इससे डॉलर, यूरो, पाउंड सहित कई प्रमुख विदेशी मुद्राओं में अंतरराष्ट्रीय कारोबार भारत के भीतर ही संचालित किया जा सकता है। यह व्यवस्था भारत को वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि GIFT IFSC की सबसे बड़ी विशेषता इसकी एकीकृत नियामकीय व्यवस्था है। जहां देश के सामान्य वित्तीय क्षेत्र में बैंकिंग, बीमा और पूंजी बाजार के लिए अलग-अलग नियामक संस्थाएं कार्य करती हैं, वहीं GIFT IFSC में इन सभी गतिविधियों के लिए IFSCA एकीकृत नियामक के रूप में कार्य करता है। इससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कारोबार करने वाली संस्थाओं को सरल, पारदर्शी और तेज नियामकीय व्यवस्था उपलब्ध होती है।
दीपेश शाह ने कहा कि GIFT IFSC में बैंकिंग, स्टॉक एक्सचेंज, अंतरराष्ट्रीय डिपॉजिटरी, एसेट मैनेजमेंट, बीमा एवं पुनर्बीमा, बुलियन एक्सचेंज, ट्रेजरी सेंटर, विमान और पोत लीजिंग, भुगतान सेवाओं तथा ग्लोबल इन-हाउस सेंटर जैसी अनेक वित्तीय गतिविधियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। भारतीय और विदेशी दोनों संस्थाएं यहां से अपने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संचालन कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आने वाले वर्षों में देश को बड़े पैमाने पर वैश्विक पूंजी की आवश्यकता होगी। ऐसे में GIFT IFSC विदेशी निवेश को आकर्षित करने और भारत को वैश्विक वित्तीय मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दीपेश शाह ने यह भी कहा कि GIFT IFSC केवल निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि रोजगार और नवाचार का भी बड़ा मंच बन सकता है। फिनटेक, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, एसेट मैनेजमेंट और अन्य आधुनिक वित्तीय सेवाओं में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर यहां तेजी से विकसित हो रहे हैं। इससे भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर देश में ही मिल सकेंगे और प्रतिभा पलायन को भी कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में GIFT IFSC भारत को वैश्विक वित्तीय सेवाओं का विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा तथा देश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेगा।