शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ, 93 हजार से अधिक बच्चों को विटामिन-ए और 98 हजार को आयरन सिरप पिलाने का लक्ष्य
कवर्धा जिले में शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रुसे में किया गया। अभियान 18 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान 9 माह से 5 वर्ष तक के 93,273 बच्चों को विटामिन-ए और 6 माह से 5 वर्ष तक के 98,759 बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड सिरप पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान में टीकाकरण, वजन, स्वास्थ्य जांच और गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान भी की जाएगी।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। जिले में शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ 18 अगस्त को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रुसे में किया गया। अभियान 18 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक निर्धारित तिथियों में जिले के स्वास्थ्य एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में आयोजित किया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं सरपंच दिलीप चंद्रवंशी ने बच्चों को विटामिन-ए और आयरन सिरप पिलाकर अभियान की शुरुआत की।
शिशु संरक्षण माह के दौरान जिले में 9 माह से 5 वर्ष तक की आयु के 93,273 बच्चों को विटामिन-ए तथा 6 माह से 5 वर्ष तक की आयु के 98,759 बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड सिरप पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का उद्देश्य बच्चों को कुपोषण, एनीमिया और विटामिन-ए की कमी से बचाने के साथ उनके स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने जिले के पालकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या आंगनबाड़ी केन्द्र में लेकर जाएं और अभियान का लाभ दिलाएं। उन्होंने बताया कि शिशु संरक्षण माह के माध्यम से 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को वर्ष में दो बार विटामिन-ए अनुपूरण तथा 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार आईएफए सिरप दिया जाता है।
अभियान के तहत आयोजित स्वास्थ्य सत्रों में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक और आईएफए सिरप देने के साथ छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण भी किया जाएगा। इसके अलावा बच्चों का वजन लिया जाएगा और स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजेगी, जहां उन्हें आवश्यक आहार और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला आरएमएनसीएचए सलाहकार डॉ. मुकुंद राव ने कार्यक्रम में उपस्थित पालकों को शिशु संरक्षण माह के उद्देश्य और इसके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक है, जबकि आयरन-फोलिक एसिड बच्चों में एनीमिया की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने पालकों से अपील की कि वे अभियान की निर्धारित तिथियों को ध्यान में रखते हुए अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य या आंगनबाड़ी केन्द्र में जरूर लेकर जाएं। बच्चों को समय पर आवश्यक पोषण अनुपूरण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनके बेहतर विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
शुभारंभ कार्यक्रम में सरपंच दिलीप चंद्रवंशी, जिला आरएमएनसीएचए सलाहकार डॉ. मुकुंद राव, हेल्थ एजुकेटर शिवेंद्र कुमार देवांगन, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जानकी शरण चंद्रवंशी, सेक्टर सुपरवाइजर, स्टाफ नर्स, आरएचओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रुसे की टीम उपस्थित रही।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के पालकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान अपने बच्चों को निर्धारित स्वास्थ्य केन्द्र या आंगनबाड़ी केन्द्र में ले जाकर विटामिन-ए और आयरन सिरप की खुराक जरूर दिलाएं।