शासकीय प्राथमिक शाला जोगीदादर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं आकर्षण का केंद्र

महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ अंचल स्थित शासकीय प्राथमिक शाला जोगीदादर में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने बस्तरिहा नृत्य, राऊत नाचा और गरबा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

Jan 27, 2026 - 11:45
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शासकीय प्राथमिक शाला जोगीदादर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं आकर्षण का केंद्र

UNITED NEWS OF ASIA.जगदीश पटेल, सरायपाली (जिला महासमुंद)। महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड के दूरस्थ अंचल में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला जोगीदादर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस का पर्व बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर को तिरंगे झंडों से सजाया गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में राष्ट्रीय पर्व की गरिमा दिखाई दी।

कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रधान पाठक  विजय कुमार भवसागर के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसमें शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के दौरान सभी ने तिरंगे को सलामी दी और देशभक्ति का संदेश दिया।

गणतंत्र दिवस समारोह में विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी एवं भारतीय लोकनृत्यों की सुंदर प्रस्तुति दी। इनमें बस्तरिहा नृत्य, राऊत नाचा और गरबा नृत्य को दर्शकों ने खूब सराहा। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उल्लास और उमंग से भर दिया।

कार्यक्रम में कु. राखी, मुस्कान, रोली, सुषमा, शिवानी, श्वेता, भूमिका, दीपक सहित अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुति पर उपस्थित जनों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

मंच संचालन विद्यालय के शिक्षक  केशव साहू द्वारा कुशलता से किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को रोचक और अनुशासित बनाए रखा। इस अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों को गणतंत्र दिवस का महत्व समझाते हुए संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता-अखंडता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंत में प्रधान पाठक विजय कुमार भवसागर ने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में देशभक्ति, सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने बच्चों को भविष्य में भी इसी तरह आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

गणतंत्र दिवस का यह आयोजन जोगीदादर जैसे दूरस्थ क्षेत्र में शिक्षा और सांस्कृतिक चेतना का सुंदर उदाहरण बना।