किसान खोमन साहू आत्महत्या मामले में कांग्रेस की जांच पूरी, टोकन निरस्तीकरण और पुलिस पर गंभीर आरोप

मोहला-मानपुर-चौकी जिले के बहोरनभेड़ी गांव में किसान खोमन साहू की आत्महत्या के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच टीम ने जांच पूरी कर ली है। मृतक के परिजनों ने धान खरीदी टोकन निरस्तीकरण और पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है।

Jan 27, 2026 - 11:50
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किसान खोमन साहू आत्महत्या मामले में कांग्रेस की जांच पूरी, टोकन निरस्तीकरण और पुलिस पर गंभीर आरोप

UNITED NEWS OF ASIA.जावेद खान, मोहला मानपुर। धान खरीदी के अंतिम चरण के दौरान मोहला-मानपुर-चौकी जिले के बहोरनभेड़ी गांव में किसान खोमन साहू द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। इस गंभीर मामले को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच टीम ने अपनी जांच प्रक्रिया पूरी कर ली है।

घटना 20 तारीख गुरुवार की बताई जा रही है, जब अंबागढ़ चौकी विकासखंड अंतर्गत बहोरनभेड़ी गांव में साहू परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक के बड़े भाई मनसुख लाल साहू के अनुसार, धान खरीदी का टोकन निरस्त होने के बाद खोमन साहू मानसिक रूप से काफी परेशान था। बुधवार रात वह घर से निकल गया था, जिसकी रातभर तलाश की गई। अगले दिन सुबह गांव के खार क्षेत्र में उसकी लाश मिलने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों ने बताया कि छुरिया विकासखंड के ग्राम बैरागीभेड़ी में परिवार की लगभग नौ एकड़ कृषि भूमि है, जहां रेघा देकर धान की फसल तैयार की गई थी। धान बेचने के लिए टोकन भी काटा गया था, लेकिन बाद में कृषि मित्र के माध्यम से फोन कर टोकन निरस्त होने की जानकारी दी गई। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि यदि धान लाया गया तो जब्ती और जेल की कार्रवाई हो सकती है, जिससे मृतक और अधिक तनाव में आ गया।

मृतक के भाई मनसुख लाल साहू ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पोस्टमार्टम के नाम पर शव ले जाने के बाद उनसे कुछ कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए और फर्जी तरीके से उनके हस्ताक्षर भी किए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शराब सेवन से संबंधित बयान पूरी तरह गलत है, क्योंकि खोमन साहू ने छह माह पूर्व ही शराब पीना छोड़ दिया था।

इस मामले में खुज्जी विधानसभा के कांग्रेस विधायक भोलाराम साहू ने कहा कि साहू परिवार वर्षों से बहोरनभेड़ी और बैरागीभेड़ी दोनों जगह खेती करता आ रहा है और लगातार धान बेचता रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए मृतक के बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी लेने और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर गठित नौ सदस्यीय जांच टीम ने बहोरनभेड़ी पहुंचकर करीब तीन घंटे तक परिजनों से बातचीत की। टीम में कई विधायक और जिला अध्यक्ष शामिल रहे। जांच के दौरान कांग्रेस नेताओं ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पार्टी इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। जांच में सामने आए तथ्यों का खुलासा आने वाले समय में किया जाएगा।