अमित शाह के दौरे को लेकर भोपाल में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। भोपाल पुलिस के अनुसार अलग-अलग मार्गों से आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं। सीहोर-इंदौर, राजगढ़-ब्यावरा और एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आकस्मिक वाहनों पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। यातायात संबंधी सहायता के लिए 0755-2677340 और 2443850 नंबर जारी किए गए हैं।
अमित शाह 3 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम में 35 हजार से अधिक गोपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान 16.80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का उद्घाटन, पशुपालकों को बोनस वितरण और अन्य डेयरी परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा IISER भौंरी परिसर में अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी आज भोपाल में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके कार्यक्रमों में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण, राष्ट्रीय माउथ ऑर्गन वादकों के सम्मेलन का उद्घाटन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता शामिल है।
भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी बैठकों का दौर जारी है। रिपोर्ट के अनुसार पार्टी की बैठकों में संगठनात्मक अनुशासन और आपसी समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई है। हालांकि बैठक से जुड़े कुछ दावों को संबंधित पार्टी या आधिकारिक दस्तावेज से स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें रिपोर्टों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
अमित शाह के भोपाल प्रवास के दौरान आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर बैठक की तैयारी की भी जानकारी सामने आई है। नए आपराधिक कानून, साइबर अपराध और अन्य सुरक्षा मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की संभावना बताई गई है।
जबलपुर में युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमांग जोशी के पहुंचने की खबर भी सामने आई है। वहीं संविदाकर्मियों से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 41 पद सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इन कर्मचारियों को सीधे नियुक्ति नहीं दी है, बल्कि उनके मामले को समतुल्यता समिति के पास भेजा है। समिति को कर्मचारियों के वास्तविक कार्य और सुपरवाइजर पद के कार्य की तुलना करते हुए 90 दिनों में कारण सहित निर्णय देना है। इस बीच 41 पदों पर नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। पहले से नियुक्त 158 उम्मीदवारों की नियुक्तियां भी रद्द नहीं की गई हैं।