गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोपों के बीच क्राइम ब्रांच के दो आरक्षक लाइन अटैच

रायपुर क्राइम ब्रांच में पदस्थ दो आरक्षकों राहुल गौतम और शिवम् द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच किया गया है। दोनों पर क्राइम ब्रांच से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, यह सूचना शोएब ढेबर तक पहुंचाए जाने का आरोप है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कार्रवाई को प्रशासनिक कारणों से की गई कार्रवाई बताया है।

Oct 2, 2026 - 09:38
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गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोपों के बीच क्राइम ब्रांच के दो आरक्षक लाइन अटैच

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच से जुड़ी एक कार्रवाई सामने आई है। क्राइम ब्रांच में पदस्थ दो आरक्षकों राहुल गौतम और शिवम् द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। दोनों आरक्षकों के खिलाफ यह कार्रवाई गोपनीय जानकारी लीक किए जाने के आरोपों के बीच की गई है। मामले को लेकर पुलिस विभाग में चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, राहुल गौतम और शिवम् द्विवेदी पर क्राइम ब्रांच की संवेदनशील और गोपनीय जानकारी बाहरी व्यक्ति तक पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि यह जानकारी शोएब ढेबर तक पहुंचाए जाने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस अधिकारियों की ओर से फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में आरोपों की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक जांच या विभागीय कार्रवाई के निष्कर्ष का इंतजार है।

बताया गया है कि गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद DCP क्राइम की ओर से दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच करने के संबंध में लिखित आदेश जारी किए गए। आदेश के बाद दोनों आरक्षकों को क्राइम ब्रांच की मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाकर लाइन अटैच किया गया है।

पुलिस विभाग की ओर से फिलहाल इस कार्रवाई के पीछे आधिकारिक तौर पर प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। वहीं, गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोपों को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यही वजह है कि कार्रवाई के वास्तविक कारणों और आरोपों की पुष्टि को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

क्राइम ब्रांच पुलिस विभाग की वह इकाई है, जहां अपराधों की जांच और कार्रवाई से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां होती हैं। ऐसे में किसी भी गोपनीय सूचना के बाहर जाने की शिकायत को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया जाना स्वाभाविक है। हालांकि, किसी कर्मचारी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद ही हो सकती है।

फिलहाल राहुल गौतम और शिवम् द्विवेदी को लाइन अटैच किए जाने की कार्रवाई हो चुकी है। दोनों के खिलाफ लगाए गए गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोपों पर आगे क्या विभागीय कार्रवाई होती है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी स्पष्ट हो सकते हैं।

इस पूरे मामले में फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही स्पष्ट है कि DCP क्राइम ने दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच करने के आदेश जारी किए हैं। गोपनीय जानकारी लीक करने से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और विभागीय स्तर पर सामने आने वाली जानकारी के आधार पर ही तय होगा।