9 मई जैसी स्थिति पर निर्णायक कार्रवाई की चेतावनी
पाकिस्तान की सैन्य मीडिया विंग ISPR के अनुसार, कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में आंतरिक स्थिरता के महत्व पर जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि किसी भी बहाने से अशांति फैलाने या 9 मई जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश से निर्णायक कार्रवाई और कानून के तहत निपटा जाएगा। ISPR के बयान में कार्रवाई को बिना हिचकिचाहट और बिना भेदभाव के किए जाने की बात कही गई है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब PTI के समर्थकों की ओर से इस्लामाबाद की तरफ लॉन्ग मार्च की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मार्च को पहले 27 सितंबर के लिए प्रस्तावित किया गया था, जिसे बाद में 4 अक्टूबर तक टाल दिया गया।
क्या हुआ था 9 मई 2023 को?
9 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान सरकारी इमारतों और सैन्य प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय सहित कुछ संवेदनशील स्थानों पर भी प्रदर्शन और तोड़फोड़ की खबरें आई थीं।
इन घटनाओं के बाद PTI नेताओं और समर्थकों के खिलाफ व्यापक कानूनी कार्रवाई हुई थी। पाकिस्तान की सेना लगातार 9 मई की घटनाओं को सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता से जुड़ा गंभीर मामला बताती रही है।
सुरक्षा स्थिति की भी हुई समीक्षा
कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की भी समीक्षा की गई। ISPR के मुताबिक, सैन्य नेतृत्व ने उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारियों को बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों की खुफिया-आधारित कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया गया। साथ ही सुरक्षा अभियानों के साथ जमीनी स्तर पर प्रशासन, जनता से संवाद और पुलिस क्षमता बढ़ाने जैसे गैर-सैन्य उपायों पर जोर दिया गया।
अफगानिस्तान को लेकर भी चर्चा
बैठक में अफगानिस्तान से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार और लक्षित कार्रवाई के रुख को दोहराया गया। ISPR के अनुसार, सैन्य नेतृत्व ने अफगानिस्तान में तालिबान नेतृत्व पर पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगाए और इसके संभावित परिणामों के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया। यह पाकिस्तान सैन्य नेतृत्व का आधिकारिक पक्ष है।
पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किये रक्षा समझौते का स्वागत
277वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का भी स्वागत किया गया। सैन्य नेतृत्व ने इसे दीर्घकालिक रणनीतिक और सामूहिक रक्षा संबंधों से जोड़ते हुए समर्थन जताया। बैठक में सऊदी अरब के खिलाफ हूती हमलों की निंदा भी की गई।
कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का रुख दोहराया
बैठक के दौरान पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर अपने पूर्व घोषित रुख को भी दोहराया। ISPR के अनुसार, सैन्य नेतृत्व ने संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप विवाद के समाधान की बात कही।
इस तरह PTI के प्रस्तावित मार्च से पहले सेना की यह चेतावनी पाकिस्तान में मौजूदा राजनीतिक और सुरक्षा परिस्थितियों के बीच सामने आई है। सेना ने अपने बयान में मुख्य रूप से आंतरिक स्थिरता, कानून के पालन और 9 मई 2023 जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर दिया है।