कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता और मां सरस्वती की वंदना-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके राष्ट्रसेवा और देश के प्रति योगदान को याद किया गया।
बैठक के दौरान विकासखंड छिंदवाड़ा की नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया। इसमें राजकुमार चौवितकर को विकासखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। ममता धामनकर को सभापति, डॉ. राजकुमारी सोनी को उपाध्यक्ष, गुलाब सिंह सनोडिया को सचिव और नलिनी गायकवाड़ को सह-सचिव बनाया गया।
इसी क्रम में मीना जैन को कोषाध्यक्ष, आकाश सोनी को मीडिया प्रभारी, पंकज विश्वकर्मा को संगठन मंत्री, अनिल शुक्ला को खेल प्रभारी, आकाश अल्डक को सह-खेल प्रभारी, इंद्र उपाध्याय को महिला प्रकोष्ठ प्रभारी, कीर्ति क्षेत्री को सदस्यता प्रभारी, कीर्ति ताम्रकार को सोशल मीडिया प्रभारी और शीतल हरपाल को संगठन प्रभारी का दायित्व सौंपा गया।
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद जिला अध्यक्ष आंतनु दासगुप्ता ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को पद एवं दायित्व की शपथ दिलाई। पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति निष्ठा बनाए रखने और अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। साथ ही अशासकीय विद्यालय संचालकों से जुड़े विषयों पर सक्रियता से कार्य करने की बात कही।
इस अवसर पर जिला सचिव मनीष तिवारी ने नवीन कार्यकारिणी को संबोधित किया। उन्होंने संगठन की मजबूती, आपसी समन्वय और सक्रिय सहभागिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी विद्यालय संचालकों को एकजुट होकर कार्य करने और आपसी समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता है।
बैठक में संगठन के विस्तार और सदस्यता को मजबूत करने सहित अशासकीय विद्यालय संचालकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। उपस्थित विद्यालय संचालकों ने संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी रखे। बैठक में जिला कार्यकारिणी की पूरी टीम के साथ विकासखंड क्षेत्र के बड़ी संख्या में विद्यालय संचालकों की मौजूदगी रही।
कार्यक्रम के दौरान संगठनात्मक एकजुटता और सक्रिय सहभागिता पर जोर दिया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करने तथा विद्यालय संचालकों से जुड़े विषयों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
कार्यक्रम की व्यवस्था एवं संचालन जिला सह-सचिव अंशुल उपाध्याय ने किया। बैठक का समापन संगठन को मजबूत बनाने और अशासकीय विद्यालय संचालकों के हितों में सामूहिक रूप से कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।