खाद संकट को लेकर सड़कों पर उतरे किसान, ऑनलाइन व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन

आलीराजपुर जिले में खाद की कमी, ऑनलाइन टोकन व्यवस्था की अव्यवस्थाओं और कथित कालाबाजारी के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं होने पर चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

Jun 19, 2026 - 13:26
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खाद संकट को लेकर सड़कों पर उतरे किसान, ऑनलाइन व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकिम मुगल, आलीराजपुर l खरीफ सीजन की शुरुआत के बीच खाद की कमी और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से परेशान किसान अब सड़कों पर उतर आए हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर खाद वितरण व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना है कि खरीफ फसलों की बोवनी का समय शुरू हो चुका है, लेकिन उन्हें जरूरत के मुताबिक यूरिया और डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। किसानों के अनुसार ऑनलाइन टोकन प्रणाली ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है, क्योंकि कई किसानों को टोकन नहीं मिल रहे हैं और जिन किसानों को टोकन मिल भी रहे हैं, उन्हें समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

किसानों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण केंद्रों पर भारी अव्यवस्था का माहौल है। कई स्थानों पर किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और समय पर बोवनी नहीं होने की चिंता बढ़ती जा रही है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खाद की कमी और वितरण व्यवस्था की खामियों के कारण फसल उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अतिरिक्त खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और वितरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि किसानों को समय पर आवश्यक संसाधन मिल सकें।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना, ऑफलाइन कोटा व्यवस्था शुरू करना, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करना तथा टोकन प्राप्त किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराना शामिल है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने "खाद दो या जवाब दो" और "किसान विरोधी व्यवस्था बंद करो" जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। किसानों का कहना है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जिलेभर के किसान सड़कों पर उतरकर चक्काजाम करेंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

मामले को लेकर प्रशासन का कहना है कि खाद उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। वहीं किसानों का कहना है कि वे अब परिणाम चाहते हैं और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

खरीफ सीजन के महत्वपूर्ण दौर में खाद संकट को लेकर बढ़ता असंतोष प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और किसानों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।