डीनो मोरिया की गिरफ्तारी की खबर, मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले में 65 करोड़ के गबन का आरोप

एक्टर डीनो मोरिया को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के सामने पेश किए जाने और गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। मामला मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में फोन रिकॉर्ड और कारोबारी संबंधों के आधार पर मोरिया और उनके भाई सैंटिनो रोको मोरिया से जुड़े संभावित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। मामले में करीब 65 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप है।

Oct 2, 2026 - 20:28
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डीनो मोरिया की गिरफ्तारी की खबर, मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले में 65 करोड़ के गबन का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. मुंबई: एक्टर डीनो मोरिया को मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW के सामने पेश किए जाने और गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। शुक्रवार सुबह डीनो मोरिया मुंबई पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, जहां इस मामले को लेकर उनसे पूछताछ की गई। यह मामला मीठी नदी की सफाई और डीसिल्टिंग के लिए जारी सरकारी फंड में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

जांच में करीब 65 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप सामने आया है। आरोप है कि मुंबई में बाढ़ नियंत्रण और ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव के लिए जारी सरकारी धन के इस्तेमाल में अनियमितताएं हुईं। जांच एजेंसियां उन कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं, जिनका नाम इस मामले से जुड़ा है।

फोन रिकॉर्ड से कनेक्शन की जांच

EOW के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए फोन रिकॉर्ड में डीनो मोरिया का संपर्क मामले में आरोपी बताए जा रहे केतन कदम से सामने आया। इसके बाद जांच एजेंसी मोरिया और उनके भाई सैंटिनो रोको मोरिया के कथित कारोबारी और वित्तीय संबंधों की भी जांच कर रही है।

जांच में UBO Ridez Pvt Ltd नाम की निजी कंपनी का भी उल्लेख सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, सैंटिनो मोरिया और केतन कदम की पत्नी पुनिता कदम इस कंपनी में निदेशक रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि केतन कदम से जुड़े लोगों और मोरिया परिवार से संबंधित कारोबारी गतिविधियों के बीच किसी तरह का वित्तीय लेन-देन हुआ था या नहीं।

रिपोर्टों में जून 2025 के एक लेन-देन का भी उल्लेख किया गया था, जिसमें केतन कदम के खाते से UBO Ridez को करीब 18 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई थी। इस लेन-देन का मामले से संबंध जांच का विषय है।

2025 में ED ने भी की थी कार्रवाई

मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले में जून 2025 में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मुंबई, कोच्चि और अन्य स्थानों पर कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। इन ठिकानों में डीनो मोरिया का मुंबई स्थित आवास भी शामिल बताया गया था। इसके बाद ED ने डीनो मोरिया और उनके भाई को पूछताछ के लिए समन किया था।

क्या है मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट?

मुंबई में 2005 की बाढ़ के बाद मीठी नदी की सफाई और डीसिल्टिंग को बाढ़ प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर आगे बढ़ाया गया था। BMC और अन्य नागरिक एजेंसियों की ओर से नदी से मलबा हटाने और नदी के तल को बनाए रखने का काम कराया गया।

बाद की जांच में कथित तौर पर दस्तावेजों में बताए गए डीसिल्टिंग कार्य और जमीन पर किए गए वास्तविक कार्य के बीच अंतर की बात सामने आई। इसी आधार पर परियोजना में इस्तेमाल किए गए सरकारी फंड को लेकर सवाल उठे और जांच शुरू हुई।

फिलहाल जांच एजेंसियां मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, कारोबारी संबंधों और कथित अनियमितताओं की कड़ियों को खंगाल रही हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।