विजय बघेल ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी की ओर से जारी संयुक्त बयान में आयोग के प्रमुख निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी एसआईआर-2026 से संबंधित मतदाता सूची और सेवाएं उपलब्ध हैं।
बघेल ने कहा कि कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर उठाए गए सवालों के संदर्भ में संयुक्त बयान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस से संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों का सम्मान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश में लोकसभा और विधानसभा सहित विभिन्न चुनावों के संचालन की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाता है। आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वह भारत में चुनावी प्रक्रियाओं के संचालन के लिए जिम्मेदार स्वायत्त संवैधानिक संस्था है।
विजय बघेल ने एसआईआर को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया से जुड़े प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाए गए सवालों पर जवाब देना चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान बघेल ने ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस द्वारा पूर्व में उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने और हारने के आधार पर चुनाव प्रक्रिया को अलग-अलग तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का भी जिक्र करते हुए चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए जाने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
बघेल ने राहुल गांधी के विभिन्न बयानों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठाने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप और राजनीतिक दावे बघेल के बयान के रूप में ही सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद कांग्रेस नेतृत्व को अपने आरोपों पर विचार करना चाहिए और चुनाव आयोग तथा देश से माफी मांगनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, विधायक ललित चंद्राकर, जिला महामंत्री दिलीप साहू, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन और जिला मीडिया प्रभारी राजा महोबिया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।