अवैध खैर लकड़ी तस्करी पर वन विभाग का बड़ा एक्शन, गोदाम सील, भारी मात्रा में लकड़ी जब्त

छत्तीसगढ़ में वन विभाग ने अवैध खैर लकड़ी की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तस्कर के गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में खैर की लकड़ी जब्त की है। गोदाम को सील कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

Jul 14, 2026 - 16:13
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अवैध खैर लकड़ी तस्करी पर वन विभाग का बड़ा एक्शन, गोदाम सील, भारी मात्रा में लकड़ी जब्त

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l छत्तीसगढ़ में अवैध खैर लकड़ी की तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तस्कर के गोदाम पर छापामार कार्रवाई की है। संयुक्त अभियान के दौरान भारी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की गई, जिसके बाद संबंधित गोदाम को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई को प्रदेश में वन संपदा की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य उड़नदस्ता, रायपुर वन परिक्षेत्र और सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में गोदाम से लगभग दो ट्रकों से अधिक खैर की लकड़ी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। जब्त लकड़ी का आकलन किया जा रहा है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद खैर की लकड़ी को हरियाणा भेजने की तैयारी की जा रही थी। खैर की लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से कत्था बनाने में किया जाता है, जिसकी देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मांग रहती है। इसी वजह से इसकी अवैध तस्करी लंबे समय से वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है।

वन विभाग के अनुसार कार्रवाई के दौरान गोदाम को विधिवत सील कर दिया गया है तथा जब्त लकड़ी से संबंधित सभी दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा लकड़ी किन स्रोतों से लाई जा रही थी।

जानकारी के अनुसार संबंधित व्यक्ति का नाम पहले भी अवैध लकड़ी परिवहन के एक मामले में सामने आ चुका है। बताया गया कि लगभग पांच वर्ष पहले वन विभाग ने उससे जुड़े एक ट्रक को अवैध लकड़ी सहित जब्त किया था, जिस पर राजसात की कार्रवाई की गई थी। उस प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपी को जेल भी भेजा गया था।

इसके अलावा संबंधित व्यक्ति का नाम पूर्व में वन्यजीव अपराधों से जुड़े मामलों में भी सामने आने की चर्चा रही है। इनमें तेंदुए की खाल के अवैध व्यापार से जुड़े आरोप भी शामिल रहे हैं। हालांकि इन मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया संबंधित सक्षम प्राधिकारों के अधीन रही है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में वन संपदा की अवैध कटाई, परिवहन और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि वन अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए निगरानी और अभियान को आगे भी और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।