दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक और बसें होंगी इलेक्ट्रिक, 'नया सफर' योजना को मंजूरी

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से 'नया सफर' योजना को मंजूरी दी है। योजना के तहत पुराने ट्रक और बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक या BS-VI वाहनों से बदला जाएगा। पात्र वाहन मालिकों को टैक्स, रजिस्ट्रेशन और स्क्रैपिंग से जुड़े कई लाभ दिए जाएंगे।

Jul 14, 2026 - 16:55
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दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक और बसें होंगी इलेक्ट्रिक, 'नया सफर' योजना को मंजूरी

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने केंद्र के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 'नया सफर' योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह इलेक्ट्रिक या बीएस-VI मानकों वाले आधुनिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

दिल्ली सरकार के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य अधिक प्रदूषण फैलाने वाले पुराने व्यावसायिक वाहनों को सड़क से हटाना और स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन प्रणाली को मजबूत बनाना है। इस पहल के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के साथ-साथ टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना के तहत बीएस-IV और उससे पुराने ट्रकों तथा बसों के मालिकों को अपने वाहनों को बदलने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन दिए जाएंगे। पात्र नए वाहनों की खरीद पर 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स में छूट मिलेगी। वहीं पात्र पुराने वाहनों की खरीद पर 10 वर्षों तक 50 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स में राहत दी जाएगी। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन शुल्क, रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में भी निर्धारित शर्तों के अनुसार छूट प्रदान की जाएगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले ये लाभ केंद्र सरकार की स्क्रैपेज नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों से अलग होंगे। यानी पात्र वाहन मालिकों को केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इनमें ब्याज में रियायत, फ्यूल वाउचर, इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रोत्साहन राशि और वाहन निर्माताओं द्वारा दिए जाने वाले एक्सचेंज या स्क्रैपेज डिस्काउंट भी शामिल हैं।

योजना के प्रभावी संचालन के लिए एक विशेष डिजिटल 'नया सफर पोर्टल' विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों की पात्रता की जांच, आवेदन प्रक्रिया, प्रोत्साहन राशि का वितरण और पूरी योजना की डिजिटल निगरानी की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से दिल्ली-एनसीआर के लगभग 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को लाभ मिलेगा।

दिल्ली के लिए योजना में कुछ विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। हल्के मालवाहक वाहनों के लिए केवल इलेक्ट्रिक मॉडल ही पात्र होंगे, जबकि बसों के लिए केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों को ही योजना का लाभ मिलेगा। योजना का कुल बजट 9,585 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें 5,041 करोड़ रुपये का योगदान नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड के माध्यम से केंद्र सरकार करेगी।

सरकार ने बताया कि योजना दो वर्षों तक लागू रहेगी। इस दौरान पात्र वाहन मालिक पुराने वाहनों को बदलकर आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को अपनाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। योजना के क्रियान्वयन के लिए दिल्ली परिवहन विभाग, केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां जल्द आवश्यक अधिसूचनाएं तथा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करेंगी। सरकार का कहना है कि यह पहल स्वच्छ हवा, बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य और हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।