भू-माफियाओं के डर से सहमे सरपंच, सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग

सौसर के बोरगांव ग्राम पंचायत के सरपंच के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद प्रदेशभर के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा, पुलिस बल और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।

Jul 14, 2026 - 17:29
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भू-माफियाओं के डर से सहमे सरपंच, सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. रिंटू खान, सौसर l पांढुरना जिले के सौसर क्षेत्र में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने और विकास कार्यों के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाओं को लेकर सरपंचों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। बोरगांव ग्राम पंचायत के सरपंच पंकज दातरकर और पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद प्रदेशभर के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि गांवों में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के दौरान भू-माफिया और असामाजिक तत्व लगातार बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। कई मामलों में सरपंचों और पंचायत कर्मचारियों को धमकियां दी जाती हैं, जिससे उनके लिए सरकारी दायित्वों का निर्वहन करना कठिन होता जा रहा है।

बोरगांव में सामने आए कथित मारपीट के मामले के बाद पंचायत प्रतिनिधियों में भय का माहौल है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित होंगे और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करना और भी कठिन हो जाएगा।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पंचायतों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने, जनप्रतिनिधियों के साथ मारपीट करने और धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सरपंचों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अतिक्रमण हटाना, सड़क, भवन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण आवश्यक है। यदि भू-माफियाओं का दबाव और हिंसा का माहौल बना रहेगा तो पंचायतों के विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर नहीं पहुंच सकेगा।

पंचायत प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के दौरान प्रशासन और पुलिस का पूरा सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उनका मानना है कि भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने से न केवल सरकारी भूमि सुरक्षित रहेगी बल्कि गांवों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

इस पूरे मामले में बोरगांव के सरपंच पंकज दातरकर ने भी अपनी बात रखते हुए सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब पंचायत प्रतिनिधियों की निगाहें राज्य सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में लगातार बाधाएं आती रहेंगी और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा भी खतरे में बनी रहेगी।