विधानसभा में भावना बोहरा ने उठाए जल जीवन मिशन, पेयजल योजनाओं और स्कूलों की बदहाल व्यवस्था के मुद्दे

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा के मानसून सत्र में वनांचल क्षेत्रों में जल जीवन मिशन, नगरीय निकायों की जल प्रदाय योजनाओं और कबीरधाम जिले के स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं का मुद्दा उठाया। सरकार ने कई योजनाओं की स्थिति और निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी सदन में प्रस्तुत की।

Jul 14, 2026 - 18:08
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विधानसभा में भावना बोहरा ने उठाए जल जीवन मिशन, पेयजल योजनाओं और स्कूलों की बदहाल व्यवस्था के मुद्दे

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े पेयजल, नगरीय जल आपूर्ति और स्कूल शिक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वनांचल एवं आदिवासी बहुल गांवों में जल जीवन मिशन की प्रगति, नगर निकायों की जल आवर्धन योजनाओं तथा कबीरधाम जिले के विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के तेलियापानी लेदरा, बिरहुलडीह, कांदावाणी, छिंदीडीह, सेन्दुरखार, अमनिया, भेलकी सहित 35 से अधिक वनांचल और आदिवासी बहुल गांवों में क्या सभी परिवारों तक सुरक्षित पेयजल पहुंच पाया है। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि इन क्षेत्रों के लगभग 2,500 परिवार सुरक्षित पेयजल से वंचित नहीं हैं। उन्होंने जानकारी दी कि कई गांवों में सोलर आधारित, सिंगल विंडो एवं रेट्रोफिटिंग योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि बसुलाटोला, तेलियापानी धोबे, कोटपानी, बाहपानी, कांदावाणी, सारपानी, मजगांव, छिंदीडीह, सेंदुरखार और अन्य गांवों में निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

विधायक ने नगर पालिका पंडरिया और नगर पंचायत पांडातराई की जल आवर्धन योजनाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाया। सरकार ने बताया कि पंडरिया में 8.32 करोड़ रुपये तथा पांडातराई में 3.75 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत योजनाओं के सभी निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। पंडरिया के 15 वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, बोरवेल, पंप स्थापना, क्लोरीनेशन यूनिट और अन्य कार्यों का लाभ नागरिकों को मिल रहा है। लगभग 2,170 परिवार सीधे जल योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि अन्य परिवारों को बोरवेल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं पांडातराई में सम्पवेल और राइजिंग मेन पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण जल आवर्धन योजना पूरी तरह संचालित नहीं हो पा रही है।

भावना बोहरा ने स्कूल शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी सदन में उठाए। उन्होंने कबीरधाम जिले के विद्यालयों की आधारभूत संरचना, जर्जर भवनों और स्कूलों तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति पर प्रश्न किया। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने लिखित उत्तर में बताया कि जिले में विद्यालयों की अधोसंरचना और पहुंच मार्गों का कोई व्यापक सर्वे नहीं कराया गया है। वर्तमान में 21 विद्यालय ऐसे हैं जहां पहुंच मार्ग नहीं है या अत्यंत जर्जर स्थिति में है। इसके अलावा जिले में 106 विद्यालय भवन जर्जर अथवा अनुपयोगी घोषित किए जा चुके हैं।

विधानसभा में इन मुद्दों को उठाते हुए भावना बोहरा ने ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पेयजल, बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना और मजबूत सड़क संपर्क ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं तथा इन क्षेत्रों में शीघ्र और प्रभावी कार्यवाही आवश्यक है।