विकसित भारत जी राम जी योजना का जायजा लेने कबीरधाम पहुंची केंद्रीय टीम, कार्यों की गुणवत्ता की सराहना

ग्रामीण विकास मंत्रालय की केंद्रीय टीम ने कबीरधाम जिले में विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत चल रहे निर्माण और आजीविका कार्यों का निरीक्षण किया। टीम ने आंगनबाड़ी भवन, डबरी निर्माण, सामुदायिक जल संरक्षण और रोजगार सृजन से जुड़े कार्यों की सराहना करते हुए योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की।

Jul 14, 2026 - 18:12
 0  3
विकसित भारत जी राम जी योजना का जायजा लेने कबीरधाम पहुंची केंद्रीय टीम, कार्यों की गुणवत्ता की सराहना

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्रीय टीम ने विकसित भारत जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर कबीरधाम जिले का भ्रमण किया। संयुक्त सचिव (वित्त) पी.के. शर्मा और अवर सचिव राहुल कुमार श्रीवास्तव ने विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित विकास कार्यों का निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

दौरे के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने केंद्रीय टीम को जिले में विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। अधिकारियों ने मैदानी कर्मचारियों की बैठक लेकर योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में ग्रामीणों की मांग के अनुरूप कार्यों की स्वीकृति, युक्तधारा पोर्टल पर कार्यों की प्रविष्टि, रोजगार की मांग, एनएमएमएस के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति, समय पर मजदूरी भुगतान तथा 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार की मांग के अनुसार पर्याप्त कार्य स्वीकृत किए गए हैं और निर्माण कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला लगातार प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है, जिस पर केंद्रीय टीम ने संतोष व्यक्त किया।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत रेंगाखारखुर्द में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, मजदूरी भुगतान, मानव दिवस सृजन तथा ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली। इसके बाद ग्राम पंचायत चिखली में तालाब आधारित मत्स्य पालन गतिविधियों का अवलोकन किया और हितग्राहियों से आजीविका में हुए सुधार की जानकारी प्राप्त की।

केंद्रीय टीम ने ग्राम पंचायत पोड़ी में सामुदायिक बोरवेल रिचार्ज पिट और हितग्राही रामभजन के निजी डबरी निर्माण का भी निरीक्षण किया। हितग्राही ने बताया कि डबरी बनने से सिंचाई सुविधा बढ़ी है और मत्स्य पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित हुआ है। अधिकारियों ने इस मॉडल को ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रभावी उदाहरण बताया।

राजानवागांव में आयोजित बैठक के दौरान मजदूरों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से योजना के लाभ, रोजगार, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्राम विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों से सुझाव भी लिए गए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

दौरे के अंतिम चरण में केंद्रीय टीम ने नेउरगांवखुर्द स्थित विकसित भारत जी राम जी उद्यान का निरीक्षण किया, जहां 500 से अधिक फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए हैं। अधिकारियों ने पौधों के संरक्षण और रखरखाव पर आवश्यक निर्देश दिए तथा "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।

केंद्रीय टीम ने योजना के क्रियान्वयन, ग्रामीण सहभागिता और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण विकास और आजीविका सशक्तिकरण को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।