डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को संजोएगी सरकार, राज्योत्सव में मिलेगा ‘लोककला अलंकरण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गनियारी में पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई की दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने डॉ. तीजन बाई के नाम पर लोककला अलंकरण, विद्यालय का नामकरण और उनके तंबूरे को संग्रहालय में संरक्षित करने की घोषणा की।

Jul 14, 2026 - 18:39
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डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को संजोएगी सरकार, राज्योत्सव में मिलेगा ‘लोककला अलंकरण

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी पहुंचकर विश्वविख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मानित लोककला साधिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री ने डॉ. तीजन बाई के पुत्र दिलहरण पारधी तथा परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। अपनी विलक्षण प्रतिभा और पंडवानी की कापालिक शैली के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।

विष्णुदेव साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोककला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित रहा। उन्होंने अपनी कला-साधना से भारतीय लोक परंपरा को विश्व मंच तक पहुंचाया। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी और राज्य सरकार उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल करेगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्योत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष 'डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण' प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान के माध्यम से लोककला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही ग्राम गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण भी डॉ. तीजन बाई के नाम पर किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी उनके संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. तीजन बाई की जीवनभर की कला-साधना का प्रतीक रहा उनका तंबूरा रायपुर के संग्रहालय में पूरे सम्मान के साथ संरक्षित किया जाएगा। इससे भविष्य की पीढ़ियां उनकी सांस्कृतिक विरासत और लोककला के प्रति उनके योगदान को निकट से जान सकेंगी।

श्रद्धांजलि सभा को सांसद विजय बघेल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा विधायक अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने डॉ. तीजन बाई के व्यक्तित्व, कला-साधना और भारतीय लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कार्यक्रम में आर.एस. बारले, गजेन्द्र यादव, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलाकार, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा लोककला की महान साधिका को सामूहिक नमन और उनकी अमर सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ संपन्न हुई।