राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में 32 पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का सम्मान, अरुण साव ने किया उत्साहवर्धन
कोरबा स्थित सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता-2026 में 32 पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र और हनुमान चालीसा भेंट कर सम्मानित किया तथा खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का गुरुवार को कोरबा स्थित सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी में सम्मान समारोह आयोजित कर अभिनंदन किया गया। समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र और हनुमान चालीसा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया।
डीडीएम रोड स्थित सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी में आयोजित इस समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एकेडमी के खिलाड़ियों द्वारा कुल 32 पदक जीतने की उपलब्धि को कोरबा और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण बताया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेल युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय संदेश "जो खेलेगा, वो खिलेगा" का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देशभर में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सोच के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों के विकास को प्राथमिकता देते हुए कई नई पहल शुरू की हैं। इनमें बस्तर ओलंपिक, खेल अलंकरण समारोह, उत्कृष्ट खिलाड़ी पुरस्कार और पहली बार आयोजित सरगुजा ओलंपिक जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सामने लाना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर देना है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में खेलों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि से खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा, नए प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे और खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में जल्द ही हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि वे लगातार मेहनत करते रहें और अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे और प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे।
समारोह को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। उन्होंने खिलाड़ियों की सफलता का श्रेय उनके नियमित अभ्यास, अनुशासन और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया।
उन्होंने कहा कि किकबॉक्सिंग एक चुनौतीपूर्ण खेल है, जिसमें शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती भी आवश्यक होती है। इस खेल में सफलता प्राप्त करना खिलाड़ियों की प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का विकास केवल खेल तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जुड़े रहना चाहिए।
इसी उद्देश्य से समारोह में खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र के साथ हनुमान चालीसा भी भेंट की गई। उन्होंने कहा कि खेल के साथ नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का समन्वय खिलाड़ियों को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में मदद करता है।
कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मंच पर सम्मानित किए जाने पर पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी। प्रशिक्षकों ने भी खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया।
समारोह में महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष नौशाद खान, जनप्रतिनिधि, पार्षद, किकबॉक्सिंग समिति के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी के खिलाड़ियों द्वारा 32 पदक जीतना न केवल कोरबा जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि उचित प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और निरंतर अभ्यास के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
राज्य सरकार की खेलोन्मुखी नीतियों, आधुनिक खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन का सकारात्मक प्रभाव अब परिणामों के रूप में सामने आने लगा है। खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।