नगर पंचायत के CMO बिरजूराम स्वर्णबेर ने बताया कि सुअरों के जमावड़े को लेकर दो डेरा संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र में मुनादी कराई जाएगी और नियमों के तहत 1000 रुपये जुर्माने की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। प्रशासन की ओर से लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने और निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से कचरा देने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र की कई गलियों, नालियों और कचरा स्थलों के आसपास सुअरों का जमावड़ा बना रहता है। लोगों का कहना है कि रात के समय तालाब की ओर से सुअरों के आने और सड़क के आसपास गंदगी फैलाने से परेशानी बढ़ जाती है। इसके अलावा सुअरों और आवारा कुत्तों के झुंड के बीच होने वाली लड़ाई के कारण भी लोगों में डर का माहौल रहता है।
रहवासियों ने नालियों की सफाई नहीं होने और जगह-जगह गंदगी जमा होने की शिकायत भी की है। उनका कहना है कि गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। नागरिकों ने प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
प्रशासन ने क्षेत्र में सफाई अभियान चलाने के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा लाखागढ़ ग्राम पंचायत को भी संयुक्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखे जाने की जानकारी दी गई है, ताकि आसपास के क्षेत्रों से आने वाले सुअरों के कारण उत्पन्न समस्या पर भी नियंत्रण किया जा सके।
नगर पंचायत प्रशासन ने रहवासियों से अपील की है कि घरों और दुकानों का कचरा सड़क या नाली में न फेंकें। कचरा स्वच्छता दीदियों को ही देने की बात कही गई है। प्रशासन का मानना है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है।
हालांकि प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद भी स्थानीय रहवासियों में नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और बड़े आंदोलन की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
इस मामले में वार्ड पार्षद भीम रौतिया से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष के रायपुर में होने के कारण उनका पक्ष भी प्राप्त नहीं हो पाया। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब स्थानीय लोगों को समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद है।