रानी दुर्गावती चौक स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के सभा कक्ष में आयोजित इस समीक्षा बैठक में जिले के सभी ग्राम पंचायतों के मैदानी कर्मचारियों को दो पालियों में बुलाकर योजनाओं की ग्राम पंचायतवार जानकारी ली गई। बैठक में जनपद पंचायत सीईओ, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अनुविभागीय अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और आवास मित्र उपस्थित रहे।
सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और प्रधानमंत्री जनमन आवास शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक जनमन आवास का निर्माण कबीरधाम जिले के बोड़ला और पंडरिया विकासखंड में कराया जा रहा है, इसलिए इन क्षेत्रों में कार्यों की नियमित निगरानी जरूरी है।
समीक्षा के दौरान सीईओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन हितग्राहियों को आवास निर्माण की पहली किस्त मिल चुकी है लेकिन उन्होंने अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है, उनसे राशि की वसूली की कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत मिलने पर जांच कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
बैठक में आवास निर्माण के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री जैसे रेत, गिट्टी, सीमेंट और सेंट्रिंग प्लेट की व्यवस्था महिला स्व-सहायता समूहों की “डीलर दीदी” के माध्यम से कराने के निर्देश भी दिए गए। इससे न केवल आवास हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर उचित दर पर सामग्री उपलब्ध हो सकेगी, बल्कि बिहान योजना से जुड़े महिला समूहों को भी आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।
इस दौरान सीईओ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि चालू वित्तीय वर्ष के सभी कार्य 15 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए युक्तधारा पोर्टल में नए कार्यों की प्रविष्टि की जाए। इसके साथ ही जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए स्टॉप डैम और रपटा जैसे निर्माण कार्य उचित स्थानों पर कराने पर जोर दिया गया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालयों को आम जनता के उपयोग के लिए शीघ्र प्रारंभ करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने शौचालयों का लाभ यात्रियों तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही ग्राम पंचायतों की सभी परिसंपत्तियों की ऑनलाइन एंट्री कर उन्हें संपदा एप में जियो टैग करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।