कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम : रायपुर में चार जगह प्रदर्शन, ग्रामीण रोजगार व्यवस्था कमजोर करने का आरोप
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चार अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर किसानों और मजदूरों की उपेक्षा करते हुए ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया।
UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत शुक्रवार को राजधानी रायपुर में कांग्रेस पार्टी द्वारा चार अलग-अलग स्थानों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़कों पर उतरे और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और मजदूरों की उपेक्षा कर रही है और ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को कमजोर करने की दिशा में कदम उठा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे ने कहा कि मनरेगा जैसी अधिकार आधारित योजना को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी अधिक थी और राज्य सरकार की हिस्सेदारी कम थी, लेकिन अब नए प्रावधानों के तहत 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार को वहन करना होगा।
प्रमोद दुबे ने कहा कि इस नई व्यवस्था से गरीब और पिछड़े राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस को योजना का नाम बदले जाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण और अधिकार आधारित योजना को कमजोर करना गरीबों और मजदूरों के हितों के खिलाफ है।
पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने भी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों और श्रमिकों को उनका अधिकार और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की नीतियों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर लगातार घटते जा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए जीवनरेखा है। इस योजना से न केवल रोजगार मिलता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। सरकार की नीतियों से इस योजना की मूल भावना पर आघात पहुंच रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों और मजदूरों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने वाले फैसलों को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और मनरेगा को मजबूत बनाए रखने की मांग की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण रोजगार और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह लगातार संघर्ष करती रहेगी।