धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर कोंडागांव में चक्का जाम, कांग्रेस व किसानों का जोरदार प्रदर्शन
कोंडागांव जिले में धान खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बड़ेराजपुर व किसानों ने विश्रामपुरी मार्ग पर चक्का जाम किया। पूर्व विधायक संतराम नेताम के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में फरवरी तक धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग की गई।
UNITED NEWS OF ASIA.रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव। धान खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड में कांग्रेस कमेटी एवं किसानों ने मिलकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक संतराम नेताम के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बड़ेराजपुर द्वारा विश्रामपुरी मार्ग पर चक्का जाम कर कई घंटों तक सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धान खरीदी की तारीख फरवरी तक बढ़ाने की मांग की। इस दौरान मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पूर्व विधायक संतराम नेताम ने कहा कि सरकार द्वारा धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है, जबकि जिले में अब भी बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं। कई किसानों के टोकन अब तक नहीं कटे हैं और जिन किसानों के टोकन कटे भी हैं, उन्हें खरीदी केंद्रों में बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में किसानों के पास धान बेचने के लिए मात्र दो दिन शेष रह गए हैं, जबकि हजारों किसानों की धान की खरीदी अब तक नहीं हो पाई है। यह स्थिति भाजपा सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता और अव्यवस्था को दर्शाती है।
संतराम नेताम ने आरोप लगाया कि जिले में लक्ष्य पूरा होने के जो आंकड़े बताए जा रहे हैं, वे पूरी तरह भ्रामक हैं। टोकन कटने में देरी, खरीदी लिमिट में कटौती और जानबूझकर प्रक्रिया को धीमा करना किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता मंचों से किसान हितैषी होने का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसान अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए खरीदी केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कई किसान आज तक टोकन न कटने के कारण आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। यदि समय रहते धान खरीदी की तारीख नहीं बढ़ाई गई और सभी किसानों की धान खरीदी सुनिश्चित नहीं की गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि फरवरी तक धान खरीदी की अवधि नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखते हुए बताया कि टोकन, तौल प्रक्रिया और केंद्रों में अव्यवस्था के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी किसानों की धान खरीदी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।