Title: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना

धमतरी पुलिस की प्रभावी और संवेदनशील विवेचना के परिणामस्वरूप नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी शिवकुमार उर्फ शिवा यादव को 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। आरोपी को गिरफ्तार करने और न्यायालय में पेश करने में करेलीबड़ी चौकी के उप निरीक्षक अजय सिंह ने उत्कृष्ट भूमिका निभाई। इस कार्यवाही के लिए उन्हें एसपी धमतरी ने नगद पुरस्कार एवं सेवा पुस्तिका में प्रशंसा प्रदान की।

Dec 31, 2025 - 12:24
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Title: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना

  UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी | में नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस की सटीक और प्रभावी विवेचना के परिणामस्वरूप आरोपी को कड़ी सजा दी गई है। दिनांक 26 जून 2024 को करेलीबड़ी चौकी क्षेत्र में थाना मगरलोड, जिला धमतरी में अपराध क्रमांक 150/24 दर्ज किया गया था। आरोपी शिवकुमार उर्फ शिवा यादव, उम्र 23 वर्ष, निवासी बोरियाखुर्द, थाना टिकरापारा, जिला रायपुर, ने नाबालिग पीड़िता के साथ अपराध किया था। इस मामले में धारा 363, 366, 376(2)(ढ) भादवि एवं धारा 04, 06 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

एसपी धमतरी  सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर तत्कालीन करेलीबड़ी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अजय सिंह ने अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ मामला सुलझाया। उन्होंने पुख्ता साक्ष्य, तकनीकी प्रमाण और ठोस तथ्य जुटाकर आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस सटीक और प्रभावी कार्यवाही के परिणामस्वरूप माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) धमतरी ने आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ी न्यायिक कार्रवाई का संदेश देता है।

एसपी धमतरी ने इस उत्कृष्ट विवेचना के लिए उप निरीक्षक अजय सिंह को सेवा पुस्तिका में प्रशंसा-प्रविष्टि के साथ 500 रुपये नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। पुलिस विभाग ने ऐसे उत्कृष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर कदम उठाए हैं, जिससे बेहतर पुलिसिंग और न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

धमतरी पुलिस की यह कार्रवाई न केवल पीड़िता के लिए न्याय सुनिश्चित करती है, बल्कि यह सभी नागरिकों और युवाओं के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। इस प्रकार की प्रभावी विवेचना और त्वरित कार्रवाई से समाज में अपराध पर अंकुश लगाने और न्यायिक प्रणाली के प्रति विश्वास बनाए रखने में मदद मिलती है।