बदलती तस्वीर: तुगुवा की शासकीय माध्यमिक शाला बनी शिक्षा, संस्कार और रोजगार की मिसाल

बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत तुगुवा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला ने नवाचार, नैतिक शिक्षा और रोजगार-मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से यह साबित किया है कि समर्पित शिक्षकों के प्रयासों से सरकारी स्कूल भी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बन सकते हैं।

Jan 30, 2026 - 16:16
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बदलती तस्वीर: तुगुवा की शासकीय माध्यमिक शाला बनी शिक्षा, संस्कार और रोजगार की मिसाल

UNITED NEWS OF ASIA.सुदीप उपाध्याय, बलरामपुर। मध्य प्रदेश सीमा से लगे ग्राम पंचायत तुगुवा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला इन दिनों जिलेभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस विद्यालय ने यह साबित कर दिया है कि यदि शिक्षक समर्पण, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें, तो शासकीय विद्यालय भी निजी विद्यालयों से बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करा सकते हैं।

विद्यालय में बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि नैतिक शिक्षा, व्यवहारिक ज्ञान और रोजगार-मुखी प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यार्थियों में अनुशासन, समयबद्धता, स्वच्छता, शिष्टाचार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों का विकास किया जा रहा है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

विद्यालय परिसर पूरी तरह साफ-सुथरा, सुव्यवस्थित और अनुशासित नजर आता है। कक्षाओं में नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाया गया है। शिक्षक समूह कार्य, गतिविधि आधारित अध्ययन और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को विषयों को सरल और रुचिकर ढंग से समझा रहे हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

इस पहल से न केवल विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं, बल्कि अभिभावक भी विद्यालय की कार्यप्रणाली से बेहद संतुष्ट हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सभी शासकीय विद्यालयों में इसी प्रकार की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और व्यवस्था स्थायी रूप से लागू हो जाए, तो अभिभावकों को बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने की मजबूरी नहीं रहेगी। तुगुवा की यह शाला अब क्षेत्र के अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

विद्यालय की सराहना करते हुए जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कहा कि तुगुवा माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक बच्चों को रोजगार-मुखी शिक्षा देने, स्कूली पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने और विद्यालय के वातावरण को बेहतर बनाए रखने में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे शिक्षक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शासन स्तर पर ऐसे शासकीय विद्यालयों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है, ताकि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को और अधिक सशक्त किया जा सके।

जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 144 विद्यार्थी दर्ज हैं तथा प्रधान पाठक सहित चार शिक्षक पदस्थ हैं। विद्यालय को शासन से प्राप्त सभी मदों का शत-प्रतिशत उपयोग किया गया है। शिक्षकों की मेहनत और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बच्चों की पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।

उन्होंने बताया कि भविष्य में विद्यालय को और अधिक सुविधायुक्त बनाने, शैक्षणिक संसाधनों को बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को नवाचार से जोड़ने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। तुगुवा की शासकीय माध्यमिक शाला आज यह संदेश दे रही है कि मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण से सरकारी स्कूल भी शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकते हैं।