पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने वाला निकला पति, दंतेवाड़ा पुलिस ने एक माह बाद सुलझाई कुंदेली अंधे कत्ल की गुत्थी
दंतेवाड़ा जिले के कुंदेली गांव में एक महिला की अंधी हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतिका के पति राजेश रयामी और उसके चाचा रमेश रयामी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पति ने पत्नी रीना रयामी की गला घोंटकर हत्या की और शव को निर्वस्त्र कर झाड़ियों में फेंक दिया था ताकि घटना को दुष्कर्म का रूप दिया जा सके।
UNITED NEWS OF ASIA. असीम पाल, दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के भांसी थाना क्षेत्र के ग्राम कुंदेली में हुई महिला की अंधी हत्या की गुत्थी पुलिस ने एक माह की मेहनत के बाद सुलझा ली है। पुलिस ने इस हत्याकांड में मृतिका के पति राजेश रयामी और उसके चाचा रमेश रयामी को गिरफ्तार किया है। मामला 2 अक्टूबर 2025 का है, जब कुंदेली के पास झाड़ियों में निर्वस्त्र महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार साहू के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सायबर सेल दंतेवाड़ा की मदद से हजारों मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया और कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही ग्रामीणों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि मृतका रीना रयामी की उसके पति से अक्सर विवाद होता था।
कड़ाई से पूछताछ में राजेश रयामी ने हत्या की बात स्वीकार की। उसने बताया कि 1 अक्टूबर की रात लगभग आठ बजे पत्नी से झगड़ा होने पर उसने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद अपने चाचा रमेश रयामी की मदद से शव को मोटरसाइकिल में रखकर गाँव से बाहर ओटेर खेत के पास झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने शव को निर्वस्त्र कर दिया ताकि ऐसा लगे कि महिला से दुष्कर्म हुआ है।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हीरो डिलक्स मोटरसाइकिल (CG 18 R 2844), आरोपी के कपड़े और मृतका का मोबाइल फोन जब्त किया है। जांच के बाद दोनों आरोपियों को 9 नवंबर को गिरफ्तार कर 10 नवंबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इस जघन्य हत्या मामले में दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय, एएसपी उदित पुष्कर (IPS), और एसडीओपी कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन में कार्यवाही की गई। जांच टीम में थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार साहू, निरीक्षक विजय राठौर, सायबर सेल के विनोद मंडावी, भारती मंडावी, कन्हैया राठिया, और चेतना शाहनी समेत पूरी पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 64(1), 103(1), 3(5), 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
इस खुलासे के साथ दंतेवाड़ा पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि कोई भी अपराध कितना भी पेचीदा क्यों न हो, सत्य अंततः सामने आता ही है